Rath Yatra : पश्चिम बंगाल में धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई और महत्वपूर्ण अनुदान योजना की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत, सरकार ने राज्य में रथ यात्रा आयोजित करने वाली कमेटियों को आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की इस योजना के अनुसार, प्रत्येक चयनित रथ यात्रा आयोजक को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह घोषणा न केवल आयोजकों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि इस भव्य धार्मिक पर्व को और अधिक व्यापक स्तर पर मनाने का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।

दुर्गा पूजा अनुदान के मुकाबले रथ यात्रा पर विशेष ध्यान
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस योजना की तुलना दुर्गा पूजा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि से की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष दुर्गा पूजा आयोजकों को राज्य सरकार द्वारा 1.1 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई थी। इस बार, हालांकि, रथ यात्रा के लिए प्रति आयोजक 5 लाख रुपये की बड़ी राशि निर्धारित की गई है। शुभेंदु अधिकारी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा अनुदान के विपरीत, इस बार सहायता राशि उन्हीं लोगों को दी जाएगी जिन्हें वास्तव में वित्तीय आवश्यकता है, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

आयोजकों की संख्या में वृद्धि की प्रबल संभावना
बंगाल में दुर्गा पूजा की व्यापकता को देखते हुए वहां लगभग 43,000 पंजीकृत दुर्गा पूजा कमेटियां कार्य करती हैं। इसके विपरीत, नबन्ना (राज्य सचिवालय) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल पंजीकृत रथ यात्रा आयोजकों की संख्या मात्र 26 है। हालांकि, सरकार द्वारा घोषित इस 5 लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता के बाद, राज्य भर में रथ यात्रा आयोजित करने वाली कमेटियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है। कई नई कमेटियां अब इस आयोजन के प्रति उत्साहित दिख रही हैं।
13 जुलाई को सौंपे जाएंगे चेक, मुख्यमंत्री करेंगे संबोधित
प्रशासनिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को आधिकारिक नोटिफिकेशन भेजकर निर्देश दिए हैं कि उनके संबंधित जिलों में चयनित रथ यात्रा कमेटियों के अधिकृत प्रतिनिधियों को 13 जुलाई, 2026 तक चेक सौंप दिए जाएं। यह 9 दिवसीय भव्य उत्सव 16 जुलाई से विधिवत शुरू होगा। इस दौरान, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से रथ यात्रा के आयोजकों को संबोधित करेंगी। सरकार का मानना है कि यह सालाना उत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है और इसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
केवल आयोजकों को ही नहीं, बल्कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए भी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। प्रत्येक जिले को ‘सुविधा केंद्र’ स्थापित करने के लिए 1 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, ORS के पैकेट, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि रथ यात्रा के दौरान किसी भी भक्त को असुविधा न हो।
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