क्रेमलिन का दावा: 90 मिनट की ‘रचनात्मक’ बातचीत
दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच शनिवार को लगभग 90 मिनट तक लंबी और ‘रचनात्मक’ बातचीत हुई। क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने ट्रंप और अमेरिकी जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। यह इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच हुई चौथी वार्ता है, जो वैश्विक राजनीति में बढ़ते ट्रंप के प्रभाव को दर्शाती है। उशाकोव ने बताया कि ट्रंप ने यूक्रेन संकट के जल्द समाधान और शांति बहाली में मध्यस्थता करने की अपनी तत्परता फिर से दोहराई है। इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर के मॉस्को दौरे की तैयारी भी चल रही है।
पुतिन का आरोप: यूरोप और कीव बढ़ा रहे युद्ध
बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर रूस के राजनयिक रुख को दोहराते हुए कहा कि रूस शांति के लिए तैयार है, बशर्ते उसकी बुनियादी शर्तों और सुरक्षा चिंताओं को स्वीकार किया जाए। पुतिन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कीव और यूरोपीय सहयोगियों पर ‘युद्ध-समर्थक’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यूरोप का एक गुट गलतफहमी के आधार पर संघर्ष को जानबूझकर लंबा खींच रहा है। पुतिन ने ट्रंप को मोर्चे की ‘वास्तविक स्थिति’ के बारे में बताते हुए कहा कि रूसी सेना आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है और रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण कर रही है।
कोस्त्यांतिनिव्का पर दावों को लेकर कीव और मॉस्को आमने-सामने
रूस ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के एक प्रमुख गढ़ ‘कोस्त्यांतिनिव्का’ पर कब्जा कर लिया है, जिसे पुतिन ने डोनेट्स्क क्षेत्र की ‘आजादी’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। हालांकि, कीव ने इन रूसी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार करार दिया है। युद्ध के मैदान में चल रही इन दावों-प्रतिदावों की जंग के बीच, ट्रंप की मध्यस्थता की कोशिशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका की यह नई कूटनीतिक पहल यूक्रेन और रूस के बीच दशकों से चल रहे इस तनाव को समाप्त करने में सफल हो पाती है या फिर युद्ध की जटिलताएँ और बढ़ेंगी।
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