Jashpur Murder : जशपुर जिले के दुलदुला थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग की निर्मम हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक की बहू सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने एक ‘अंधे हत्याकांड’ का पर्दाफाश किया। जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल मार्गदर्शन और पुलिस टीम की तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि आरोपी कानून के शिकंजे से बच न सकें। यह मामला पारिवारिक कलह के कारण उपजी नफरत का एक भयावह उदाहरण बन गया है।

घर के भीतर मिला था बुजुर्ग का हाथ-पैर बंधा शव
घटना की शुरुआत 4 जुलाई 2026 को हुई, जब दुलदुला के ग्राम बोड़ाजोर निवासी 70 वर्षीय चुगरू प्रधान का शव उनके ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। बुजुर्ग के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे और उनके शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान थे। इस वीभत्स दृश्य को देखकर स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही दुलदुला पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और विशेषज्ञ दल को जांच के लिए बुलाया गया। घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने इस मर्डर मिस्ट्री को हल करने के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया।

पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह: बहू ही निकली मास्टरमाइंड
जांच के दौरान पुलिस को मिले तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट से हत्याकांड की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं। पूछताछ में पता चला कि मृतक का अपनी बहू सुगंती बेसरा के साथ काफी समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इस पुरानी रंजिश और आपसी अनबन ने इतना गहरा रूप ले लिया कि बहू ने अपने ससुर को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। उसने अपने कुछ परिचित युवकों को इस अपराध में शामिल किया और उन्हें हत्या के लिए उकसाया। पुलिस को पूछताछ के दौरान अहम सुराग हाथ लगे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह घटना किसी बाहरी लूट या डकैती का मामला नहीं, बल्कि घर के अंदर की एक सोची-समझी साजिश थी।
आधी रात को हुआ हमला, बेरहमी से दी गई जान
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 3 और 4 जुलाई की मध्यरात्रि को सभी आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बुजुर्ग के घर पहुंचे। घर का दरवाजा खुलवाते ही उन्होंने बुजुर्ग पर लकड़ी के फट्टे और मुक्कों से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद, आरोपियों ने बुजुर्ग के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिससे दम घुटने और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी साक्ष्य मिटाकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस की कड़ी पूछताछ और पुख्ता साक्ष्यों के आगे आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का फट्टा, वारदात में शामिल मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। पर्याप्त सबूतों के आधार पर सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जशपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि किस प्रकार पारिवारिक विवाद और द्वेष की भावना व्यक्ति को अपराध की पराकाष्ठा तक ले जा सकती है।
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