Russia Ukraine War : सोमवार तड़के रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस हमले ने आम नागरिकों के सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सैन्य प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको के अनुसार, इन हमलों में पोडिल्स्की जिले में एक आवासीय इमारत आंशिक रूप से ढह गई, जबकि डार्नित्सिया जिले में कई बहुमंजिला इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई है, और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। पूरी रात शहर में विस्फोटों की गूंज सुनाई देती रही, जिसके चलते हजारों नागरिकों ने सुरक्षा के लिए मेट्रो स्टेशनों में शरण ली।

जेलेंस्की की चेतावनी और हवाई सुरक्षा की बढ़ती मांग
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने हमले से कुछ घंटे पहले ही कीव पर किसी बड़े रूसी हमले की आशंका जताई थी। पिछले सप्ताह हुए एक अन्य संयुक्त हमले, जिसमें 31 लोग मारे गए थे, के बाद यह हमला सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती बनकर आया है। जेलेंस्की ने रविवार देर रात पश्चिमी सहयोगियों से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने का आग्रह किया। विशेष रूप से उन्होंने पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि मिसाइलों की कमी रूस को युद्ध जारी रखने के लिए और प्रोत्साहित कर रही है। यूक्रेन अब अपनी रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन और हथियारों की आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर है।

युद्ध का चक्र: रूसी तेल सुविधाओं पर हमलों का प्रतिशोध
रूसी रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कीव पर की जा रही यह भारी बमबारी यूक्रेन द्वारा रूसी तेल सुविधाओं पर किए गए हमलों के जवाब में है। हाल के दिनों में यूक्रेन ने लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए रूस की रिफाइनरियों को निशाना बनाया है, जिससे वहां ईंधन की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है। जानकारों का मानना है कि रूस की यह आक्रामकता राष्ट्रपति पुतिन पर बढ़ते दबाव का परिणाम है, क्योंकि ईंधन संकट ने रूसी आम नागरिकों के बीच असंतोष बढ़ा दिया है। युद्ध के आर्थिक प्रभावों से जूझ रहे रूस के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है, जिसका सीधा असर अब कीव पर हो रही बमबारी के रूप में दिख रहा है।
तकनीकी बढ़त और बदलता युद्ध का परिदृश्य
विश्लेषकों और पश्चिमी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, चार साल से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध में अब यूक्रेन ने ‘ड्रोन इंजीनियरिंग’ में उल्लेखनीय तकनीकी प्रगति हासिल कर ली है। यूक्रेन के ये आधुनिक ड्रोन अब रूसी मोर्चे के पीछे स्थित आपूर्ति मार्गों को सटीकता से निशाना बना रहे हैं। विशेष रूप से क्रीमिया की ओर जाने वाली आपूर्ति लाइनों पर हमलों ने काला सागर प्रायद्वीप पर ईंधन का भीषण संकट खड़ा कर दिया है। यूक्रेन की इस नई रणनीति ने रूसी सेना की प्रगति को न केवल धीमा किया है, बल्कि उसे खर्चीला भी बना दिया है। कीव की यह तकनीकी बढ़त क्रेमलिन के उस दावे को कमजोर कर रही है, जिसमें वह युद्ध में निर्णायक जीत का दावा करता रहा है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच संघर्ष का यह दौर और अधिक तीव्र होता जा रहा है।
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