Rajnandgaon News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डोंगरगांव ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कबीर मठ नदिया गांव में इन दिनों एक अजीबोगरीब घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है। रविवार दोपहर को हुई भारी बारिश के दौरान स्थानीय किसान अमर सिंह रावटे के खेत में अचानक जमीन धंसने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना की शुरुआत एक छोटे से गड्ढे से हुई, लेकिन देखते ही देखते जमीन का एक बड़ा हिस्सा भीतर की ओर समा गया और गड्ढे का आकार विशाल होता चला गया। इस मंजर ने न केवल किसानों को बल्कि पूरे गांव के निवासियों को दहशत में डाल दिया है। लोग इसे किसी प्राकृतिक आपदा या भूगर्भीय हलचल मानकर चिंतित हैं।

कुएं जैसा स्ट्रक्चर: प्रशासन ने की घेराबंदी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल पर नायब तहसीलदार जगदेव प्रसाद खूंटे, थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर, पटवारी और राजस्व निरीक्षकों की टीम मौके पर पहुंची। गड्ढे को करीब से देखने पर एक कुएं जैसा स्ट्रक्चर दिखाई दे रहा है, जो भूगर्भ की गहराई की ओर जाता प्रतीत होता है। डोंगरगांव के तहसीलदार कमल किशोर साहू ने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस असाधारण घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई अनहोनी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट (भूवैज्ञानिक विभाग) की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचेगी और जांच के बाद ही इस रहस्य का खुलासा हो पाएगा।

मूसलाधार बारिश और भू-धंसाव का गहरा संबंध
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से डोंगरगढ़ से लेकर डोंगरगांव क्षेत्र में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण जमीन के अंदर पानी का दबाव बढ़ गया, जिसकी वजह से मिट्टी का कटाव हुआ और यह अचानक भू-धंसाव (land subsidence) की घटना हुई। गड्ढा लगातार अपना आकार बढ़ाता गया, जिससे यह स्थिति और भी गंभीर हो गई। बारिश के बीच जमीन का इस तरह धंसना स्थानीय लोगों के लिए किसी पहेली से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन के अंदर कोई पुरानी गुफा या पानी के बहाव का रास्ता हो सकता है, जो बारिश के पानी से नरम होकर धंस गया है।
प्रशासन की चेतावनी: ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आम लोगों को घटनास्थल के आसपास जाने से साफ मना कर दिया है। अधिकारियों ने अपील की है कि ग्रामीण सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि जमीन के भीतर का हिस्सा अभी भी अस्थिर हो सकता है और वहां और धंसाव होने का खतरा बना हुआ है। मौके पर तैनात सुरक्षा बल लोगों को वहां से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल भूवैज्ञानिकों की टीम की प्रतीक्षा की जा रही है, जो आधुनिक उपकरणों के माध्यम से यह जांच करेगी कि मिट्टी के भीतर ऐसी कौन सी संरचना है जिसके कारण यह विशाल गड्ढा निर्मित हुआ है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।











