Khamenei Funeral : मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए खामेनेई, इमाम रजा दरगाह में उमड़ा जनसैलाब

Khamenei Funeral : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के साए में, ईरान के दिवंगत पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह के ‘दार अल-धिक्र’ प्रार्थना हॉल में पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। ईरानी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस अंतिम विदाई समारोह में लाखों की संख्या में शोक संतप्त समर्थक उमड़ पड़े। भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि प्रशासन को पार्थिव शरीर को दानिश चौराहे से दरगाह तक ले जाने के लिए सड़क मार्ग के बजाय हेलीकॉप्टर का उपयोग करना पड़ा। अंतिम संस्कार की नमाज उनके बड़े बेटे सैयद मुस्तफा खामेनेई ने संपन्न कराई। सुरक्षा कारणों से देश के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई इस सार्वजनिक समारोह से दूर रहे। इस दौरान ईरानी जनता में अमेरिका के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया और लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप विरोधी बैनर लहराते हुए अपना विरोध दर्ज किया।

ads

14-सूत्रीय समझौते को लगा ग्रहण: ट्रंप ने खारिज की शांति वार्ता

अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु इस साल 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमले में हुई थी। इसके बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया। तनाव कम करने के उद्देश्य से पिछले महीने ही ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम को लेकर 14-सूत्रीय समझौता (MoU) हुआ था, जिसके तहत 60 दिनों की शांति प्रक्रिया प्रस्तावित थी। हालांकि, तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने इस पूरी शांति प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनके लिए यह शांति समझौता अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है।

Adst

“डील सिर्फ समय की बर्बादी”: ट्रंप का ईरान पर आक्रामक रुख

नाटो शिखर सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “मैं अब ईरान के साथ कोई कूटनीतिक संबंध या बातचीत नहीं करना चाहता। वे दुष्ट हैं और उनका नेतृत्व बीमार लोगों के हाथों में है।” ट्रंप ने आगे कहा कि उनके वार्ताकार बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन वे अब इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को ‘समय की बर्बादी’ मानते हैं। ट्रंप की इस आक्रामक घोषणा के बाद, ईरान के साथ सीजफायर को भी समाप्त घोषित कर दिया गया है।

पश्चिम एशिया में गहराया युद्ध का साया: क्या टूटेगी स्थिरता?

खामेनेई के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा शांति प्रक्रिया से किनारा कर लेने और सीजफायर को खत्म करने के एलान ने पूरे पश्चिम एशिया को फिर से बड़े सैन्य टकराव के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख न केवल ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच बनी कूटनीतिक सहजता अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में यह वाकयुद्ध सीधे सैन्य संघर्ष में तब्दील हो जाएगा? क्षेत्रीय शांति अब अनिश्चितता के गहरे दौर में प्रवेश कर चुकी है।

Read More : Supercomputer Cost: करोड़ों की कीमत और भारी बिजली खपत, जानिए कैसे चलता है सुपर कंप्यूटर

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.