Bulandshahr Accident: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बारिश के चलते खुर्जा नगर के मूंडाखेड़ा गांव में एक दर्दनाक हादसा पेश आया, जहाँ एक मस्जिद की बाउंड्रीवॉल अचानक ढह गई। दीवार के गिरने से उसके पास मौजूद छह लोग मलबे की चपेट में आ गए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

मलबे से निकाले गए छह लोग, तीन की हुई मौत
स्थानीय लोगों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों से मलबे के नीचे दबे सभी छह लोगों को बाहर निकाला गया। दुखद रूप से, दो व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। शेष चार घायलों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन एक महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार, इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या तीन हो गई है। शेष तीन घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम का माहौल है।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति का जायजा
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए खुर्जा के क्षेत्राधिकारी (CO) शोभित कुमार अत्री ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। उन्होंने पुष्टि की कि ग्राम मूंडाखेड़ा में मस्जिद की दीवार गिरने से कुल छह लोग दबे थे, जिनमें से तीन की मृत्यु हो गई है। CO ने स्पष्ट किया कि बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और फिलहाल घटनास्थल पर स्थिति सामान्य है। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले पर संज्ञान लिया है और बारिश से जर्जर हो चुकी अन्य पुरानी इमारतों और दीवारों को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में भी निर्माण कार्य के दौरान ढही तीन मंजिला इमारत
प्राकृतिक आपदाओं के इस दौर में बुधवार को दिल्ली से भी इसी तरह की हृदयविदारक खबर सामने आई थी। रोहिणी सेक्टर-16 में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान भारी बारिश के बीच अचानक ढह गया। इस मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच से छह अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और अन्य आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया। मलबे से दो लोगों को जीवित सुरक्षित निकाल लिया गया।
मानसून के दौरान जर्जर संरचनाओं को लेकर बढ़ी चिंता
बुलंदशहर और दिल्ली की इन घटनाओं ने जर्जर हो चुकी इमारतों और निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में पुरानी दीवारों और निर्माण कार्यों की स्थिरता कमजोर हो जाती है, जिससे इस तरह के हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जर्जर दीवारों और खतरनाक इमारतों के आसपास जाने से बचें और यदि कहीं भी संरचना संबंधी खतरा दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते कोई बड़ा कदम उठाकर जनहानि को रोका जा सके।
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