MP Politics : मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट न मिलना पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है। भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद ही महाराष्ट्र की शिवसेना (यूबीटी) ने नरोत्तम मिश्रा को अपनी पार्टी में शामिल होने और उपचुनाव लड़ने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है। मध्य प्रदेश में शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने इस अनूठे राजनीतिक कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद मिश्रा को यह निमंत्रण दिया गया है। शिवसेना ने इस आशय का एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जो राज्य की राजनीति में खासी हलचल मचा रहा है।

उद्धव और आदित्य ठाकरे संभालेंगे दतिया में चुनाव प्रचार की कमान
शिवसेना (यूबीटी) की रणनीति के तहत, यदि नरोत्तम मिश्रा इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सुनील शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि मिश्रा शिवसेना के उम्मीदवार बनते हैं, तो उद्धव ठाकरे, उनके पुत्र आदित्य ठाकरे और पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वयं दतिया पहुंचकर उनके समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। भाजपा के एक कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री के रूप में नरोत्तम मिश्रा का दतिया में लंबा प्रभाव रहा है, हालांकि 2023 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। शिवसेना का यह दांव सीधे तौर पर भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने और मिश्रा के जनाधार को अपने पक्ष में करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

टिकट न मिलने से भड़का दतिया, समर्थकों का हिंसक प्रदर्शन
भाजपा द्वारा नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार किए जाने के फैसले का असर दतिया में काफी तीखा रहा। फैसले के बाद समर्थकों का गुस्सा सड़क पर उतर आया, जिसके चलते लगभग 12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग 44 बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने न केवल बाजार बंद कराए और स्थानीय भाजपा कार्यालय पर ताला लगा दिया, बल्कि पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प भी हुई। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद अधिकारियों को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और बल प्रयोग के जरिए स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। इस विरोध का व्यापक असर यह हुआ कि कई स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा देकर पार्टी के प्रति अपना असंतोष जाहिर किया।
नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया और संयम बरतने की अपील
राजनीतिक उठापटक और शिवसेना के प्रस्ताव के बीच, नरोत्तम मिश्रा ने अब तक ठाकरे पार्टी के ऑफर पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, अपने समर्थकों द्वारा किए जा रहे हिंसक प्रदर्शनों और खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकियों पर उन्होंने गहरी चिंता जताई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के उचित तरीके होते हैं और कार्यकर्ताओं को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए जिससे किसी को भी नुकसान पहुंचे। उनका यह बयान उनके समर्थकों को शांत करने की एक कोशिश है, लेकिन उनके भविष्य के राजनीतिक निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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