CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने के लिए तैयार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रायपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून की गतिविधियां पुन: सक्रिय हो रही हैं। वर्तमान में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि 13 जुलाई से बारिश के दायरे और तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह बदलाव राज्य के अधिकांश जिलों में देखने को मिलेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

13 से 15 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने 13 जुलाई से 15 जुलाई के बीच प्रदेश के विभिन्न इलाकों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ ही प्रदेश भर में गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिसे लेकर विभाग ने रेड अलर्ट जैसी स्थिति की चेतावनी दी है। यह सक्रिय मौसमी प्रणाली अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का कारण बनेगी।

अगले 5 दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान
आने वाले दिनों का मौसम काफी परिवर्तनशील रहने वाला है। 12 जुलाई को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। 13 जुलाई से मानसूनी सिस्टम के और अधिक मजबूत होने से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। 14 और 15 जुलाई को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं, 16 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है, हालांकि इस दिन के लिए कोई विशेष भारी बारिश की चेतावनी फिलहाल नहीं दी गई है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिक असर और तापमान में गिरावट
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो सरगुजा संभाग और बस्तर के कुछ हिस्सों में मानसून की सक्रियता देखी गई है। हालांकि, पूरे प्रदेश में अब तक हुई कुल मौसमी वर्षा सामान्य से 21 प्रतिशत कम बनी हुई है, लेकिन आगामी पांच दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है। तापमान की बात करें तो अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन इसके बाद बारिश के असर से तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। हालिया आंकड़ों में दुर्ग का तापमान सबसे अधिक 34.4 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर का न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुरक्षा के लिए मौसम विभाग की सख्त सलाह
खराब मौसम और आकाशीय बिजली की संभावनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों और किसानों के लिए व्यापक एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों में न रहें। पेड़ों के नीचे शरण लेना या बिजली के खंभों के पास खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। किसानों को अपने कृषि उत्पादों और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करने को कहा गया है। निवासियों से अनुरोध है कि बदलते मौसम पर लगातार नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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