Stock Market Today: बुधवार के दिन भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐसा पैटर्न दिखाया जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखी जा रही है, जहां ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के स्तर को पार कर गया है। सामान्यतः, कच्चा तेल महंगा होने पर भारतीय बाजार में गिरावट का रुख देखा जाता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है। हालांकि, आज की तस्वीर बिल्कुल जुदा रही। घरेलू बाजारों ने वैश्विक संकेतों को प्राथमिकता दी और शुरुआती कारोबार में ही जबरदस्त तेजी दर्ज की। सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक सेंसेक्स 585 अंक उछलकर 77,641 के स्तर पर था, वहीं निफ्टी 50 भी 160 अंकों की बढ़त के साथ 24,200 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया।

वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी का मिला-जुला असर
महंगे तेल के बावजूद बाजार में आई इस मजबूती का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिका में हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों को राहत दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की भावना (Risk Appetite) बढ़ी है। ईरान-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं जरूर हैं, लेकिन भारतीय निवेशकों ने घरेलू बाजार में खरीदारी का सिलसिला जारी रखा। निफ्टी का कल गिरावट के साथ बंद होना एक अस्थाई दौर था, जिससे बाजार ने आज सुबह के शुरुआती मिनटों में ही पूरी तरह उबरते हुए शानदार वापसी की है।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों का बाजार में दबदबा
आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर का है। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1.01 फीसदी का उछाल देखा गया, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1.20 फीसदी मजबूत होकर कारोबार कर रहा था। प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 1.12 फीसदी की मजबूती देखी गई, जिसने मुख्य सूचकांकों को ऊपर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, रियल्टी, ऑटो, ऑयल एंड गैस, सीमेंट और केमिकल सेक्टरों में भी निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखी गई, जिससे बाजार का दायरा काफी विस्तृत नजर आया।
आईटी और मेटल सेक्टर में छाई सुस्ती
बाजार की चौतरफा तेजी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में सुस्ती बनी हुई है। आईटी (IT) शेयरों में आज मुनाफावसूली का दौर देखा गया, जिससे इन शेयरों पर दबाव रहा। इसके अलावा, मेटल इंडेक्स भी 0.19 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक तकनीकी सुधार है और निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि निवेशकों के बीच भरोसा कायम है।
इंडिया विक्स में गिरावट और रुपया हुआ स्थिर
बाजार के उतार-चढ़ाव को मापने वाले इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ (India Vix) में 3.40 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो अब 13.28 के स्तर पर है। यह कमी दर्शाती है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम है और वे बाजार की दिशा को लेकर आश्वस्त हैं। मुद्रा बाजार में भी सुधार हुआ है; डॉलर सूचकांक में कमजोरी आने से विदेशी निवेश (FII) का माहौल बेहतर होने की उम्मीद जगी है। रुपया भी हल्की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल के दबाव को दरकिनार करते हुए भारतीय बाजार ने अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है।
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