Vande Mataram Bill : ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने या गाने से रोकने पर होगी सजा? मानसून सत्र में सरकार ला सकती है नया बिल

Vande Mataram Bill : राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करना या इसे गाने में बाधा उत्पन्न करना अब कानूनन भारी पड़ सकता है। आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक’ पेश करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पहले ही इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। इस कानून के लागू होने के बाद ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के समान ही गरिमापूर्ण दर्जा प्राप्त होगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में गृह मंत्रालय ने यह अनिवार्य कर दिया है कि उन सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत बजाना या गाना आवश्यक है, जहाँ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाता है।

ads

विपक्ष और सेक्युलर सरकारों पर बीजेपी का तीखा हमला

बीजेपी का मानना है कि पिछली सरकारों ने तुष्टीकरण की नीति के चलते ‘वंदे मातरम’ को वह सम्मान नहीं दिया, जिसकी वह हकदार थी। पार्टी का तर्क है कि कुछ समुदायों की आपत्तियों के आगे झुककर पिछली सरकारों ने आजादी की लड़ाई के इस महान प्रतीक की उपेक्षा की। अब प्रस्तावित विधेयक के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस गीत का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई हो। हालाँकि, कानूनी विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित कानून में ‘अपमान’ की परिभाषा किस प्रकार तय की जाती है, क्योंकि अतीत में इससे जुड़े कई विवाद अदालत तक पहुँच चुके हैं।

Adst

जन्म-मृत्यु पंजीकरण और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या पर बिल

मानसून सत्र के दौरान सरकार अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी संसद में लाएगी। कैबिनेट से अनुमोदित ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल’ के तहत नियमों को और अधिक कड़ा किया जा रहा है। अब दो साल बाद होने वाले जन्म या मृत्यु का पंजीकरण केवल ‘फर्स्ट-क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट’ के आदेश से ही संभव होगा, जबकि पहले इसके लिए डीएम या एसडीएम की मंजूरी पर्याप्त होती थी। इसके अलावा, ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक’ के जरिए शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने संबंधी अध्यादेश को संसद की औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।

विदेशी अंशदान और शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विधेयक

लोकसभा में पेश किए जाने वाले अन्य प्रमुख विधेयकों में ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक’ शामिल है। यह विधेयक एनजीओ की विदेशी फंडिंग पर सख्त नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से लाया गया है, जिसकी विपक्ष द्वारा पूर्व में काफी आलोचना की गई थी। साथ ही, ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ भी सरकार की प्राथमिकताओं में है। यह उच्च शिक्षा के नियमन में बड़े सुधार लाने का एक प्रयास है। इसके अतिरिक्त, संसद के गलियारों में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों को फिर से लाए जाने की भी जोरदार चर्चा है, हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। सत्र शुरू होने के बाद इन पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।

Read More :  IND vs ENG: दूसरे वनडे में हार के बाद शुभमन गिल बोले- 300 रन बनने चाहिए थे, मिडिल ऑर्डर ने निराश किया

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.