Rohit Sharma Last Match : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के माता-पिता, गुरुनाथ शर्मा और पूर्णिमा शर्मा, आगामी 19 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जाने वाले भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे वनडे मैच के लिए लंदन पहुँच चुके हैं। सूत्रों का दावा है कि यह मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच हो सकता है। खबर है कि रोहित ने खुद अपने माता-पिता के लिए लॉर्ड्स में विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि वे उनके संभवतः अंतिम एकदिवसीय मैच के गवाह बन सकें। हालाँकि, आधिकारिक रूप से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट गलियारों में उनके वनडे से संन्यास लेने की खबरें जोरों पर हैं।

2027 विश्व कप की तैयारी में जुटी चयन समिति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति ने रोहित शर्मा को भविष्य के रोडमैप से अवगत करा दिया है। बीसीसीआई और चयनकर्ता अब 2027 के वनडे विश्व कप को केंद्र में रखकर एक युवा टीम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भविष्य की योजना के तहत यशस्वी जायसवाल जैसे युवा बल्लेबाजों को टीम इंडिया के वनडे सेटअप में नियमित और बड़ी भूमिकाएं देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे रोहित की जगह सीमित हो सकती है। वर्तमान इंग्लैंड दौरा रोहित के लिए बल्ले से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, जहाँ वे अपनी स्वाभाविक लय और आक्रामक अंदाज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे।

वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा का शानदार सफर
यदि लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा का विदाई मैच बनता है, तो यह विश्व क्रिकेट के सबसे शानदार वनडे करियर में से एक का समापन होगा। रोहित ने अब तक 286 एकदिवसीय मैचों में 48.67 की शानदार औसत से 11,731 रन बनाए हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 32 शतक और 58 अर्धशतक दर्ज हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि वनडे इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (264 रन) बनाने का विश्व रिकॉर्ड आज भी उन्हीं के नाम है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने नई ऊंचाइयों को छुआ है, जिसमें 2023 विश्व कप का फाइनल, 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतना और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा करना शामिल है।
एक युग का अंत या भविष्य की नई शुरुआत?
रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट को जो पहचान दी है, वह अद्वितीय है। उनके आक्रामक शॉट्स और धैर्यपूर्ण कप्तानी ने भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। फैंस के लिए यह खबर भावुक कर देने वाली है, लेकिन खेल के बदलते स्वरूप को देखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका देना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लॉर्ड्स का मैदान, जिसे ‘क्रिकेट का मक्का’ कहा जाता है, रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ी को विदाई देने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब 19 जुलाई के उस मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या वाकई यह ‘हिटमैन’ के वनडे करियर का अंतिम अध्याय है। यदि वे विदा लेते हैं, तो भारतीय क्रिकेट एक महान युग का अंत देखेगा।












