CG Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज ‘महतारी वंदन योजना’ का मुद्दा छाया रहा। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इस योजना के तहत लाभार्थियों के नाम काटे जाने पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सदन में सवाल उठाया कि योजना की पहली किस्त के समय लाभार्थियों की संख्या जहां 70.09 लाख थी, वहीं अब यह घटकर 68.54 लाख रह गई है। उन्होंने सरकार से उन 1.55 लाख महिलाओं के नाम काटे जाने का स्पष्ट कारण जानना चाहा। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सफाई देते हुए बताया कि नाम मृत्यु, ई-केवाईसी न होने, आयकरदाता होने और अपात्रता जैसी विभिन्न तकनीकी व प्रशासनिक वजहों से हटाए गए हैं। मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया।

राशन दुकानों में अनियमितता और चावल वितरण की मांग
विधानसभा की कार्यवाही केवल महतारी वंदन योजना तक ही सीमित नहीं रही। विधायक शेषराज हरबंस ने राज्य के अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल उपलब्ध कराने की मांग पुरजोर तरीके से रखी। वहीं, भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रदेश की राशन दुकानों में जबरन मसाले बेचने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आश्वासन दिया कि यदि इस संबंध में पुख्ता शिकायतें और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होते हैं, तो पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। सदन में जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बहस का दौर चलता रहा।

कांग्रेस का सरकार पर निशाना: ‘3 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम कटे’
इससे पूर्व, जब महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी हुई थी, तब भी कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि योजना से अब तक 3 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की महिलाओं के साथ बड़ा अन्याय करार दिया। कांग्रेस का तर्क है कि जहां एक ओर योजना की शुरुआत में 70 लाख से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो रही थीं, वहीं अब लाभार्थियों की संख्या लगातार घटाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने यह भी दावा किया कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक करीब 40 फीसदी पात्र महिलाएं इससे जुड़ ही नहीं पाई हैं।
भेदभाव और पेंशन राशि में कटौती के गंभीर आरोप
कांग्रेस ने योजना के क्रियान्वयन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि वृद्धा एवं परित्यक्ता पेंशनधारियों को योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें केवल 500 रुपये ही दिए जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सत्ता में आने के बाद सरकार महिलाओं को लाभ देने में भेदभाव कर रही है और बिना ठोस कारणों के नाम काटे जा रहे हैं। विपक्षी दल ने सरकार से इस पूरी विसंगति पर श्वेत पत्र जारी करने और पीड़ित महिलाओं को उनका हक दिलाने की मांग की है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर सियासत और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
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