Aamir Khan News : हाल ही में अभिनेता आमिर खान ने एक बड़ा खुलासा करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ का किरदार ‘फुंशुक वांगड़ू’ जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था। उन्होंने एक गलत धारणा को दूर करते हुए कहा कि फिल्म के निर्माण के दौरान न तो उन्हें, न ही निर्देशक राजकुमार हिरानी और न ही लेखक अभिजात जोशी को सोनम वांगचुक के बारे में कोई जानकारी थी। आमिर ने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह से एक संयोग या गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके किरदार को वांगचुक से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, उन्होंने सोनम वांगचुक के सामाजिक और पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया।

आमिर खान की अपील: अनशन खत्म करने का आग्रह
सोनम वांगचुक के वर्तमान अनशन और स्वास्थ्य को लेकर अभिनेता आमिर खान ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वांगचुक से सार्वजनिक रूप से अपना अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। आमिर ने कहा, “हम सभी उनकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित हैं और हमारी यही प्रार्थना है कि वे अपना अनशन खत्म करें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।” एक कलाकार के नाते आमिर की यह अपील उनके और वांगचुक के बीच के सम्मानपूर्ण संबंधों को दर्शाती है, भले ही उन्होंने किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या व्यक्तिगत जुड़ाव से इनकार किया हो।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई की आमिर खान को नसीहत
आमिर खान के इस स्पष्टीकरण और वांगचुक के प्रति उनके नजरिए पर कांग्रेस पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने आमिर खान को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें सोनम वांगचुक का खुला समर्थन करना चाहिए। दलवई ने कहा, “आमिर खान ने वह रोल निभाया था, जो कि एक बेहतरीन किरदार था। उन्हें वांगचुक का समर्थन करना चाहिए, वे ऐसा क्यों नहीं कर रहे, यह समझ से परे है।” दलवई ने नसीरुद्दीन शाह का उदाहरण देते हुए कहा कि आमिर खान को भी अपनी बात रखने में अधिक साहसी (डेयरिंग) होना चाहिए।
‘कलाकार को कभी नहीं डरना चाहिए’: दलवई का तीखा प्रहार
हुसैन दलवई ने आगे कहा कि आज के दौर में बड़े कलाकारों को अपनी आवाज उठाने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आज के समय में ये सभी कलाकार डरे हुए हैं। कलाकार को कभी भी डरना नहीं चाहिए, उन्हें खुलकर अपनी बात कहनी चाहिए।” दलवई के इस बयान ने बॉलीवुड सितारों की चुप्पी और उन पर पड़ने वाले राजनीतिक दबावों की बहस को फिर से हवा दे दी है। कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि राजनीतिक गलियारों में यह अपेक्षा की जा रही है कि आमिर खान जैसे प्रभावशाली अभिनेता किसी भी सामाजिक मुद्दे पर अधिक मुखर होकर अपनी राय रखें और डरे बिना उनका समर्थन करें। यह विवाद अब मनोरंजन और राजनीति के बीच की उस धुंधली रेखा को और अधिक स्पष्ट कर रहा है, जहाँ उम्मीद की जाती है कि मशहूर हस्तियाँ सामाजिक आंदोलनों में अपनी भूमिका निभाएं।
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