Heavy Rain in China: चीन के दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में भारी मानसूनी बारिश ने भीषण तबाही मचा दी है। शुक्रवार की सुबह पेंगशुई काउंटी के हानजिया सब-डिस्ट्रिक्ट में पहाड़ का एक विशाल हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे मलबे के नीचे दबकर कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी 34 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राहत दलों ने अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन लगातार होती बारिश के कारण मलबे में दबे अन्य लोगों तक पहुंचना बचाव कर्मियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

रिहायशी इलाकों में मलबे का तांडव
इस भूस्खलन की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहाड़ की तलहटी में बसे 10 से अधिक रिहायशी मकान पूरी तरह से मलबे में दब गए। मिट्टी और चट्टानों के भारी ढेर ने इलाके के संपर्क मार्ग को भी बाधित कर दिया है। प्रशासन ने मशीनों, विशेष बचाव दलों और खोजी कुत्तों की मदद से राहत कार्य को तेज कर दिया है। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि क्षेत्र में अत्यधिक बारिश के कारण जमीन की पकड़ ढीली हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और संचार सेवाएं भी बुरी तरह से ठप हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त बाधा आ रही है।

चीन सरकार का आपातकालीन कदम
हादसे की भयावहता को देखते हुए चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने तुरंत प्रभाव से भू-वैज्ञानिक आपदाओं के लिए ‘लेवल-2’ राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय आपदा राहत आयोग ने ‘लेवल-4’ राहत आपातकाल की घोषणा की है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय टीम घटनास्थल पर रवाना कर दी है, जो न केवल बचाव कार्यों में सहायता करेगी बल्कि भविष्य में इस तरह की आपदाओं को रोकने के लिए सर्वे भी करेगी। स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था करने में जुटी हैं।
शी जिनपिंग के निर्देश और भविष्य की रणनीति
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत कार्य संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए बचाव अभियान चलाएं ताकि मलबे में दबे लोगों को बचाया जा सके और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले। राष्ट्रपति ने भविष्य के लिए भी चेतावनी जारी करते हुए देशभर में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने को कहा है। उन्होंने ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ यानी समय रहते चेतावनी देने वाली प्रणाली को आधुनिक बनाने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में जानमाल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
आपदा प्रबंधन और सामुदायिक सहयोग
वर्तमान में पूरा क्षेत्र रेड अलर्ट पर है। चीन के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बचाव कार्यों में लगे कर्मियों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। सामुदायिक सहयोग और सरकारी मशीनरी की तत्परता ही इस संकट की घड़ी में एकमात्र सहारा है। वैश्विक स्तर पर भी चीन की इस त्रासदी पर चिंता व्यक्त की जा रही है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बार-बार देखने को मिल रही हैं।
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