Protest FIR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए एक उग्र और हिंसक प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई एफआईआर दर्ज कर ली हैं। विभिन्न स्थानों पर हुई घटनाओं, हालात की गंभीरता और प्राप्त शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मामले पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह एफआईआर मुख्य रूप से दंगे भड़काने, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने, सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस पर पथराव और सरकारी कार्य में बाधा
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर सुनियोजित तरीके से पथराव करने की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों की शिकायतों के आधार पर भी अलग से केस दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा फैलाई गई हिंसा और उनके कृत्यों ने सरकारी कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की अराजकता को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

प्रदर्शनकारियों का अनियंत्रित और आक्रामक व्यवहार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली इलाके में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले सोमवार को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। प्रदर्शनकारियों का व्यवहार बेहद आक्रामक और हिंसक था। पुलिस द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने की चेतावनी दिए जाने और कानूनी निर्देशों का हवाला देने के बावजूद वे वहां से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके विपरीत, उन्होंने जानबूझकर क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का खुलेआम उल्लंघन किया और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की।
बैरिकेड्स तोड़कर फेंके गए पत्थर और गाड़ियां क्षतिग्रस्त
उग्र भीड़ ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य खतरनाक वस्तुएं फेंकीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और अन्य सरकारी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। इस बड़े पैमाने पर हुई हिंसा ने न केवल सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डाला, बल्कि अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर संकट पैदा कर दिया।
118 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल
इस भीषण हिंसक झड़प के परिणामस्वरूप 118 से ज़्यादा पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें स्पेशल कमिश्नर ऑफ़ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा, हाथापाई और झड़प के दौरान लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है। घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच (MLC) की प्रक्रिया लगातार जारी है।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
हिंसक भीड़ ने लगभग 15 से 20 सरकारी गाड़ियों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को तहस-नहस कर दिया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य सुसंगत कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने दोहराया है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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