Chalo Sansad March: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा या CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई अत्यंत भयंकर हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद दिल्ली पुलिस अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार को दिल्ली पुलिस के शीर्ष और वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर की कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लेने और भविष्य की सख्त रणनीति तय करने के लिए कई दौर की महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें कीं। पुलिस प्रशासन इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की तैयारी में है।

नई दिल्ली डीसीपी कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठकों का दौर जारी
नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय में आयोजित इन उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी हिंसा की गहन जांच करने, सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को पहुंचे भारी नुकसान का आकलन करने तथा सभी उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का एक पुख्ता खाका तैयार किया है। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की हिंसा से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकट पैदा हुआ है, इसलिए मामले की तह तक जाना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके।

‘फैशियल रिकग्निशन’ (FRS) तकनीक और सीसीटीवी से होगी पहचान
दिल्ली पुलिस ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर घातक हमला करने और शहर में हिंसा भड़काने वाले किसी भी उपद्रवी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए पुलिस अब आधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर सहारा ले रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल रहे सभी प्रदर्शनकारियों की सटीक और पुख्ता पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस ‘फैशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (FRS) तकनीक के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी फुटेज का व्यापक उपयोग कर रही है।
सुनियोजित साजिश के एंगल से हो रही है मामले की गहन जांच
जांचकर्ताओं और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों पर किया गया यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित और एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। पुलिस अब इस बात की भी बहुत बारीकी से जांच कर रही है कि क्या ये उपद्रवी किसी विशेष व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भीड़ इकट्ठा करने और शहर में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की किसी साजिश में शामिल थे। हिंसा में घायल हुए सभी पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के विस्तृत आधिकारिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
118 पुलिसकर्मी घायल और 20 सरकारी गाड़ियों में भारी तोड़फोड़
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कॉजपा के नेतृत्व में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन बेहद अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए जमकर तांडव मचाया, जिसके परिणामस्वरूप 118 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना है। इसके अलावा, उपद्रवियों ने करीब 15 से 20 सरकारी गाड़ियों, पुलिस वाहनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
70 प्रदर्शनकारी हिरासत में, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात
पुलिस ने अपनी त्वरित और साहसिक कार्रवाई के तहत मौके से करीब 70 हिंसक प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया है और कानून की विभिन्न सुसंगत तथा गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि राजधानी के सभी संवेदनशील इलाकों और रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा दंगा रोधी दस्तों की तैनाती कर दी गई है। पूरी राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए लगातार गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तेजी से जारी है।
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