Lamine Yamal Story: फुटबॉल की दुनिया से एक बेहद प्रेरणादायक और रोमांचक खबर सामने आ रही है। स्पेन की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के 19 वर्षीय प्रतिभाशाली स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल ने हाल ही में फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को मात देकर फीफा वर्ल्ड कप का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी मुकाबले के दौरान यमाल ने बेहद शानदार खेल का प्रदर्शन किया और मैच के दौरान गोल पर सबसे ज्यादा शॉट भी लगाए। हालांकि, अर्जेंटीना के विश्व प्रसिद्ध गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज़ ने अपनी बेहतरीन चौकसी दिखाते हुए उन्हें गोल करने से जरूर रोके रखा, लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम जीत हासिल करने में सफल रही।

स्पेन की लगातार 38 मैचों की ऐतिहासिक जीत का सिलसिला कायम
युवा खिलाड़ी लामिन यमाल स्पेनिश टीम के एक बेहद अहम और不可отъемлемый (अहम) हिस्सा रहे हैं, जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। अर्जेंटीना के खिलाफ मिली इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेन की राष्ट्रीय टीम की लगातार अजेय और जीत का यह सिलसिला बढ़कर अब कुल 38 मैचों तक पहुंच चुका है। खेल इतिहास के पन्नों में यह किसी भी यूरोपीय या फिर दक्षिण अमेरिकी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे लंबा और रिकॉर्ड तोड़ सिलसिला माना जा रहा है। विश्व कप जीतने के बाद युवा यमाल ने खुलकर उन संघर्षों और दबावों पर बात की जिनका सामना उन्होंने अपने जीवन में किया है।

‘असली दबाव फुटबॉल नहीं, बल्कि मेरे माता-पिता का संघर्ष था’ – यमाल
दुनिया भर की उम्मीदों और भारी दबाव को संभालने के अपने नजरिए के बारे में बात करते हुए 19 वर्षीय लामिन यमाल ने एक अनोखा और प्रेरणादायक बयान दिया है। उनका मानना है कि फुटबॉल के मैदान पर लाखों दर्शकों के सामने उन्हें जो मानसिक दबाव या तनाव झेलना पड़ता है, वह उनके माता-पिता द्वारा उन्हें बड़ा करने के दौरान झेली गई भीषण मुश्किलों और संघर्षों के सामने कुछ भी नहीं है। ‘गोल’ (Goal) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमाल ने अपने अतीत को याद करते हुए कहा, “मेरी मां जब मात्र 16 साल की थीं, तब मेरा जन्म हुआ था। वह वाकई बहुत बड़ा और डरावना दबाव था।”
बचपन की कठिनाइयों को याद कर भावुक हुए युवा फुटबॉलर यमाल
अपने माता-पिता के संघर्षों के बारे में बात करते हुए यमाल ने आगे बताया कि उनके पिता को परिवार का पेट पालने और घर में दो वक्त की रोटी लाने के लिए सड़कों पर जाकर कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, चीजें उठानी पड़ती थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि असली दबाव और संघर्ष वह होता है, जबकि उनके लिए फुटबॉल खेलना केवल मैदान पर उतरकर अपने खेल का आनंद लेना है। यही वजह है कि मैदान की बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी उन्हें कभी विचलित नहीं कर पातीं, क्योंकि उन्होंने अपने बचपन में ही जीवन की वास्तविक कठिनाइयों का बहुत करीब से सामना कर लिया था।
रिकॉर्ड्स के मामले में भी आगे हैं लामिन यमाल और शानदार करियर की शुरुआत
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिन 28 मैचों में लामिन यमाल मैदान पर उतरे हैं, उनमें से एक भी मुकाबले में उनकी टीम को हार का मुंह नहीं देखना पड़ा है। इसके अलावा, जिन 13 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने बतौर मुख्य खिलाड़ी शुरुआत की है, उन सभी मुकाबलों में उनकी टीम ने जीत हासिल की है। किसी भी युवा यूरोपीय खिलाड़ी के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में यह लगातार जीत का अब तक का सबसे लंबा सिलसिला है। महज 19 साल की कम उम्र में यह उनके उस शानदार और स्वर्णिम करियर की शुरुआत भर है, जिसके आने वाले समय में इतिहास रचने की उम्मीद की जा रही है।
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने की यमाल और मेसी की तुलना
स्पेन के इस युवा खिलाड़ी ने अपने देश में करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों का गहरा भरोसा जीता है। यही वजह है कि अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने भी फाइनल मैच से पहले उनकी तारीफ करते हुए उन्हें महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी के समकक्ष बताया था। स्कालोनी ने कहा था कि लामिन यमाल एक बेहद असाधारण और दुर्लभ प्रतिभा के धनी खिलाड़ी हैं, जो भविष्य में स्पेन को ढेरों खुशियां देंगे। उन्होंने माना कि मैदान पर मेसी की तरह ही यमाल को रोकना या उनकी खेल शैली को मार्क करना विपक्षी टीमों के लिए सबसे कठिन कार्यों में से एक है।
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