PM Modi Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात करीब 11:52 बजे देश को संबोधित करते हुए पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके भविष्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है और इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की पीड़ा समझती है सरकार
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के सपनों और विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी घटनाएं छात्रों की मेहनत और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालती हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार पिछले ढाई महीनों में इस पूरे मामले में कई कानूनी कदम उठाए गए हैं और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए गए हैं, वे कानून के दायरे में लाए जा चुके हैं और उनके खिलाफ प्रक्रिया जारी है।

एक वर्ष बर्बाद न हो, इसलिए जल्द कराई गई परीक्षाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। इसी कारण संबंधित एजेंसियों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने बताया कि लगभग 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई और निर्धारित समय में परिणाम भी घोषित किए गए। उनका कहना था कि सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
रिजल्ट के बाद भी सरकार कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध
प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम आने के बाद सफल विद्यार्थियों के बीच खुशी का माहौल है, लेकिन सरकार केवल परीक्षा संपन्न होने को ही अपनी जिम्मेदारी का अंत नहीं मानती। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई भी उतनी ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि विभागों ने तेजी से काम करते हुए आवश्यक मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा की तैयारी
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान भी प्रस्तावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसौदे पर विस्तार से चर्चा होगी। मंत्रिमंडल की राय और सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
संसद में जल्द लाया जाएगा नया विधेयक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार इस प्रस्तावित कानून को जल्द से जल्द संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद के आगामी सत्र में इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना तथा छात्रों का भरोसा मजबूत करना है। उन्होंने दोहराया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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