Raigarh Police Action: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाकी के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। तमनार ब्लॉक में जेपीएल (JPL) कोयला खदान के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के कपड़े फाड़कर उसे अर्धनग्न करने और अमानवीय व्यवहार करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने न केवल उसे सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि समाज में कड़ा संदेश देने के लिए उसका सरेराह जुलूस भी निकाला। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनसे पूछताछ जारी है।
Raigarh Police Action: आरोपी के चेहरे पर कालिख और चप्पलों की माला: पुलिस ने सिखाया सबक
मुख्य आरोपी चित्रसेन साव की गिरफ्तारी के बाद रायगढ़ पुलिस का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने मिलकर आरोपी का सिग्नल चौक से पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के चेहरे पर कालिख पोती गई थी और उसे चप्पलों की माला पहनाई गई थी। पुलिस ने आरोपी से बीच सड़क पर ‘पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है’ के नारे लगवाए। पुलिस की इस कार्रवाई को उस अमानवीय कृत्य का जवाब माना जा रहा है, जो प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ किया गया था।

Raigarh Police Action: रूह कंपा देने वाला वीडियो: रोती रही महिला आरक्षक, नहीं पसीजा दिल
27 दिसंबर को हुई इस हिंसा का एक विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है। करीब 40 सेकंड के इस फुटेज में प्रदर्शनकारी महिला आरक्षक को घेरकर उसके कपड़े फाड़ते दिख रहे हैं। वीडियो में पीड़ित आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘भाई’ कहकर माफ करने की गुहार लगा रही है, लेकिन भीड़ उस पर चिल्ला रही है। प्रदर्शनकारी उसे चप्पल से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग जाने को कह रहे हैं। इससे पहले एक महिला टीआई (TI) को भी प्रदर्शनकारियों द्वारा लात मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची: मुख्य साजिशकर्ता समेत 6 पुलिस की गिरफ्त में
महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और बदसलूकी के मामले में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी चित्रसेन साव (झरना सिदार पारा) के अलावा मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जनसुनवाई के विरोध से शुरू हुआ विवाद: देखते ही देखते सुलगा रायगढ़
इस पूरे विवाद की जड़ 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई है। जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर 300 ग्रामीणों की भीड़ जमा हुई, जो धीरे-धीरे 1000 के पार पहुंच गई। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की शांति की अपील को अनसुना करते हुए भीड़ हिंसक हो गई। बैरिकेड्स तोड़ दिए गए और पुलिस पर पत्थरों व डंडों से हमला शुरू कर दिया गया।

सरकारी संपत्ति और प्लांट में आगजनी: करोड़ों का नुकसान
उग्र भीड़ ने केवल पुलिसकर्मियों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचाया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुस गई, जहाँ कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टरों और कार्यालय में तोड़फोड़ कर आगजनी की गई। इस हिंसा में तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
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