Hockey World Cup 2026: भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपने करियर के संभवतः आखिरी विश्व कप के लिए तैयार हैं। दो बार ओलंपिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके मनप्रीत इस बार चौथी बार विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि, इस बार उनका लक्ष्य सिर्फ टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि भारत के लंबे विश्व कप सूखे को खत्म करना है।

1975 के बाद भारत को खिताब का इंतजार
भारत ने अब तक सिर्फ एक बार हॉकी विश्व कप का खिताब जीता है। वर्ष 1975 में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी। इसके बाद से टीम खिताब जीतने में कामयाब नहीं हो सकी। लंबे समय से भारत विश्व कप के नॉकआउट चरणों में भी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया है। ऐसे में मनप्रीत इस बार टीम के साथ इतिहास बदलने के इरादे से मैदान पर उतरना चाहते हैं।

चौथा वर्ल्ड कप मनप्रीत के लिए बेहद खास
जियोस्टार से बातचीत में मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह विश्व कप उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनका चौथा वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम लगातार दो ओलंपिक में पदक जीत चुकी है, लेकिन विश्व कप का पदक अभी भी उसकी उपलब्धियों में शामिल नहीं है। मनप्रीत के अनुसार, हर खिलाड़ी चाहता है कि वह ओलंपिक और विश्व कप जैसे दोनों बड़े टूर्नामेंट में पदक जीत सके।
आखिरी मौका मानकर उतरेंगे मैदान पर
मनप्रीत ने संकेत दिया कि हॉकी वर्ल्ड कप 2026 उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है। इसलिए वह इस टूर्नामेंट को विशेष जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ देख रहे हैं। उनका कहना है कि टीम अब तक जो उपलब्धि हासिल नहीं कर सकी, उसे पूरा करने के लिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं। इसके लिए खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से मजबूत और संतुलित रहना होगा।
अनुशासन और टीमवर्क पर जोर
अनुभवी खिलाड़ी ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा टीम की एकजुटता महत्वपूर्ण होती है। हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका समझकर उसी पर पूरी तरह ध्यान देना होगा। मनप्रीत के मुताबिक, अनुशासन के साथ खेलना और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना भारत की सफलता की कुंजी होगी।

बेल्जियम और नीदरलैंड में होगा विश्व कप
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड संयुक्त रूप से कर रहे हैं। भारत को पूल-डी में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के अलावा वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान की टीमें शामिल हैं। भारतीय टीम अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत वेल्स के खिलाफ करेगी। ग्रुप में मौजूद मजबूत टीमों को देखते हुए भारत को शुरुआत से ही सतर्क रहना होगा।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन
मनप्रीत ने भारतीय टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का शानदार संयोजन मौजूद है। उनके अनुसार खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के लिए अच्छी तैयारी की है और टीम का आत्मविश्वास भी मजबूत है। दो लगातार ओलंपिक पदक जीतने के बाद अब भारतीय टीम की नजर विश्व कप की ट्रॉफी पर है।
पाकिस्तान के खिलाफ रणनीति नहीं बदलेगी
पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मनप्रीत ने कहा कि भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपनी रणनीति पर कायम रहेगी। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को विरोधी टीम के नाम या प्रतिष्ठा के दबाव में आने के बजाय अपनी हॉकी पर ध्यान देना चाहिए। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला भावनात्मक जरूर हो सकता है, लेकिन टीम को संयम बनाए रखना होगा।
एक खिलाड़ी नहीं पूरी टीम बनेगी हीरो
मनप्रीत ने साफ कहा कि हॉकी पूरी तरह टीम गेम है। अगर कोई खिलाड़ी अकेले हीरो बनने की कोशिश करता है तो इससे पूरी टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों से एक-दूसरे पर भरोसा रखने और एकजुट होकर खेलने की अपील की। मनप्रीत का मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही भारत 51 साल पुराने विश्व कप खिताब के इंतजार को खत्म कर सकता है।
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