Gadchiroli murder: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के धानोरा तालुका स्थित रूपिनगट्टा गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक किसान परिवार में चल रहे घरेलू तनाव ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया। एक व्यक्ति ने पहले अपनी जीवनसंगिनी की नृशंस हत्या की और फिर कानून के डर या ग्लानि के चलते खुद भी मौत को गले लगा लिया। इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या की घटना ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है।
खेत से लापता हुए पति-पत्नी: रहस्यमयी शुरुआत
घटना की शुरुआत 6 जनवरी को हुई, जब 37 वर्षीय किसान राकेश सुकना कुजूर अपनी 32 वर्षीय पत्नी कलिष्टा राकेश कुजूर के साथ धान के खेत में काम करने गए थे। उस वक्त खेत में राकेश के पिता और उनकी बेटी भी मौजूद थे। दोपहर के लगभग 3 बजे पति-पत्नी ने परिजनों से कहा कि वे घर वापस जा रहे हैं और खेत से निकल गए। हालांकि, जब शाम ढलने के बाद भी दोनों घर नहीं पहुंचे, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। रात भर उनकी तलाश की गई, लेकिन अंधेरे के कारण कोई सफलता नहीं मिली।
पहाड़ी इलाके में मिला पत्नी का लहूलुहान शव
अगले दिन यानी 7 जनवरी की सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने मिलकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। दोपहर के समय गागीरमेटा पहाड़ी क्षेत्र के पास कलिष्टा का शव बरामद हुआ। शव को देखते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। प्राथमिक जांच और शव की स्थिति से यह स्पष्ट था कि कलिष्टा की हत्या बहुत बेरहमी से की गई थी। हत्यारे ने उसके बालों को पकड़कर उसके सिर को पत्थर पर तब तक पटका था जब तक कि उसकी जान नहीं निकल गई। इस सूचना ने गांव में सनसनी फैला दी और पुलिस को तुरंत मामले की जानकारी दी गई।
खेत की मेड़ पर मिला पति का शव: आत्महत्या का खुलासा
पत्नी का शव मिलने के बाद शक की सुई सीधे पति राकेश कुजूर पर घूमी, क्योंकि वह भी लापता था। पुलिस और ग्रामीण उसकी तलाश कर ही रहे थे कि 8 जनवरी की सुबह एक और स्तब्ध करने वाली खबर आई। राकेश का शव उसके अपने ही खेत की मेड़ पर पड़ा मिला। पुलिस को शव के पास से जहर की एक शीशी भी बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पत्नी की हत्या करने के बाद राकेश ने खुद जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
चार मासूमों के सिर से उठा साया: भविष्य अंधकार में
इस भयानक त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस दंपति के पीछे उनके चार छोटे बच्चे रह गए हैं। एक ही झटके में इन बच्चों के सिर से माता और पिता दोनों का साया उठ गया। ग्राम पंचायत झाड़ापापड़ा के सरपंच खंडेराम उसेंडी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सहायता केंद्र पेंढरी को सूचित किया। अब इन चार अनाथ बच्चों की परवरिश, शिक्षा और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उनके वृद्ध दादा के कंधों पर आ गई है, जो खुद इस उम्र में सदमे और लाचारी से जूझ रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और मानसिक तनाव का एंगल
उपविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) पेंढरी ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दोनों शवों का पंचनामा किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से पारिवारिक विवाद और अत्यधिक मानसिक तनाव का प्रतीत होता है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि उस दिन दोपहर में ऐसा क्या हुआ जिसने राकेश को इस खूनी कदम को उठाने पर मजबूर कर दिया।
















