Super Giants Champion : संजीव गोयनका के स्वामित्व वाली मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने द हंड्रेड 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 16 अगस्त को खेले गए फाइनल मुकाबले में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से हराकर पहली बार प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। टीम की इस ऐतिहासिक जीत में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम साइफर्ट का योगदान सबसे अहम रहा। उन्होंने दबाव भरे फाइनल में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को यादगार जीत दिलाई।
ट्रेंट रॉकेट्स ने दिया था 159 रन का लक्ष्य
फाइनल मुकाबले में ट्रेंट रॉकेट्स ने पहले बल्लेबाजी की। टीम ने निर्धारित 100 गेंदों में 158 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। खिताब जीतने के लिए मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के सामने 159 रन का लक्ष्य था। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यह चुनौती आसान नहीं थी, लेकिन मैनचेस्टर के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही लक्ष्य का पीछा करने के इरादे साफ कर दिए।
टिम साइफर्ट ने खेली तूफानी पारी
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की पारी में टिम साइफर्ट सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे। उन्होंने महज 38 गेंदों में 72 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान साइफर्ट ने चार चौके और सात शानदार छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने रॉकेट्स के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया और मैनचेस्टर की जीत की मजबूत नींव रखी।
बटलर और डी प्लॉय ने भी निभाई अहम भूमिका
साइफर्ट के अलावा जोस बटलर और लियूस डी प्लॉय ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। दोनों ने छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारियों के जरिए लक्ष्य का पीछा करने में टीम की मदद की। साइफर्ट की तेज शुरुआत के बाद इन बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया और मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को फाइनल में पांच विकेट से जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
छह सीजन बाद मैनचेस्टर को मिली ट्रॉफी
मैनचेस्टर की पुरुष टीम के लिए यह खिताब बेहद खास है। इससे पहले टीम को मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से जाना जाता था। इस टीम ने 2022 और 2023 में द हंड्रेड के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन दोनों बार उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। 2022 के फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स ने मैनचेस्टर को हराया था, जबकि 2023 में ओवल इन्विंसिबल्स ने उसका खिताबी सपना तोड़ा था।
नए मालिक के दौर में पहली बड़ी सफलता
संजीव गोयनका के मालिक बनने के बाद मैनचेस्टर सुपर जायंट्स का यह पहला सीजन था और टीम ने अपने नए स्वामित्व काल की शुरुआत खिताबी जीत के साथ की। RPSG ग्रुप के पास फ्रेंचाइजी की करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस सफलता के साथ गोयनका की वैश्विक क्रिकेट फ्रेंचाइजी में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।
IPL में लखनऊ की सफलता का अभी इंतजार
संजीव गोयनका भारतीय क्रिकेट में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक के तौर पर भी जाने जाते हैं। हालांकि IPL में उनकी टीम अभी तक खिताब जीतने में सफल नहीं हुई है। ऐसे में द हंड्रेड में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की सफलता गोयनका के लिए विशेष महत्व रखती है। यह जीत उनके फ्रेंचाइजी स्पोर्ट्स कारोबार के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
कई देशों की लीग में गोयनका का दबदबा
संजीव गोयनका की मौजूदगी सिर्फ द हंड्रेड और IPL तक सीमित नहीं है। दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में उनकी टीम डरबन सुपर जायंट्स भी खेलती है और टीम एक बार फाइनल तक पहुंच चुकी है। इससे पहले राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स भी IPL में गोयनका के स्वामित्व वाली टीम रही थी। इसके अलावा इंडियन सुपर लीग में उनकी फ्रेंचाइजी मोहन बागान ने 2022-23 सीजन में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
द हंड्रेड जीत से बढ़ी फ्रेंचाइजी की प्रतिष्ठा
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ऐतिहासिक खिताबी जीत ने टीम के लिए नई पहचान कायम की है। लगातार दो फाइनल हारने के बाद आखिरकार मैनचेस्टर ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टिम साइफर्ट की विस्फोटक पारी ने इस जीत को और यादगार बना दिया। गोयनका की टीम के लिए यह सफलता भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीगों में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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