सुबह उठते ही कॉफी पीना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत है, लेकिन कुछ लोगों को इसके बाद दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है। कैफीन थोड़े समय के लिए हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है और कब यह चिंता का कारण बन सकता है?
सुबह उठते ही कॉफी पीना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत है, लेकिन कुछ लोगों को इसके बाद दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है। कैफीन थोड़े समय के लिए हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है और कब यह चिंता का कारण बन सकता है?

Coffee Side Effects : कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत एक कप गर्मागर्म कॉफी के बिना अधूरी रहती है। उठते ही कॉफी पीने से उन्हें नींद खुलने और शरीर में ऊर्जा महसूस होने लगती है। हालांकि, कुछ लोगों को कॉफी पीने के बाद दिल तेजी से धड़कने, धड़कन महसूस होने या कभी-कभी धड़कन अनियमित लगने की शिकायत हो सकती है। ऐसे में हर बार घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर समस्या बार-बार सामने आए तो इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है।


सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और मेट्रो अस्पताल के ग्रुप कैथ लैब निदेशक डॉ. समीर गुप्ता के अनुसार, सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन सामान्य तौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर कैफीन को अलग तरह से प्रतिक्रिया दे सकता है। कुछ लोग कैफीन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें थोड़ी मात्रा लेने के बाद भी धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

कैफीन शरीर के तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करती है। इसके सेवन के बाद शरीर में अस्थायी रूप से एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे शरीर कुछ समय के लिए अधिक सक्रिय और सतर्क अवस्था में पहुंच जाता है। इसी दौरान कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ने, दिल की धड़कन तेज होने और बेचैनी जैसी स्थिति महसूस हो सकती है।
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन करता है या उसका शरीर कैफीन के प्रति संवेदनशील है, तो कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें दिल की धड़कन तेज होना, धड़कन का ज्यादा महसूस होना, सीने में असहजता, चक्कर, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी शामिल हो सकती है। खासकर खाली पेट तेज कॉफी पीने पर कुछ लोगों में कैफीन का असर अधिक महसूस हो सकता है।
सुबह अचानक दिल की धड़कन बढ़ने का कारण हमेशा कॉफी नहीं होती। एनर्जी ड्रिंक, धूम्रपान, प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स, शरीर में पानी की कमी और मानसिक तनाव भी हार्ट बीट बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना, अत्यधिक थकान और कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी धड़कन तेज होने की वजह बन सकती हैं। इसलिए बार-बार होने वाले लक्षणों का वास्तविक कारण समझना जरूरी है।

कभी-कभी कैफीन के कारण थोड़े समय के लिए हार्ट बीट बढ़ना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन अगर धड़कन बार-बार तेज होती है या बिना किसी स्पष्ट कारण के ऐसा होता है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। कुछ मामलों में लगातार या अनियमित धड़कन हार्ट अरिदमिया जैसी समस्या से भी जुड़ी हो सकती है।
तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द या जकड़न, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना, बेहोशी या बेहोशी जैसा लगना और बिना शारीरिक मेहनत के अत्यधिक पसीना आना गंभीर संकेत हो सकते हैं। आराम की स्थिति में भी अगर हार्ट बीट असामान्य रूप से तेज बनी रहे, तो इसे सामान्य मानकर टालना उचित नहीं है।
अगर आपको कॉफी पीने के बाद बार-बार धड़कन तेज होने की शिकायत होती है, तो सबसे पहले कैफीन की मात्रा कम करने का प्रयास किया जा सकता है। सुबह उठते ही खाली पेट तेज कॉफी पीने के बजाय इसे भोजन के बाद लेना कुछ लोगों के लिए बेहतर हो सकता है। साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।
कैफीन का सेवन सीमित रखना, पर्याप्त नींद लेना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना हार्ट बीट से जुड़ी परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है। अगर कॉफी कम करने के बावजूद धड़कन बार-बार तेज होती है या साथ में दूसरे चेतावनी वाले लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। किसी भी लक्षण को केवल कॉफी का असर मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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