Ukraine Crisis : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी को पद से हटा दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जांच एजेंसियों ने राष्ट्रपति कार्यालय के एक उप प्रमुख से जुड़े भ्रष्टाचार मामले की जांच तेज की है। हालांकि संबंधित अधिकारी को जांच में संदिग्ध के तौर पर नामित नहीं किया गया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने जेलेंस्की सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी ओर रूस के लगातार हमलों के बीच यूक्रेन पहले से ही गंभीर सैन्य और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया बड़ा खुलासा
यूक्रेन के राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी NABU ने बताया कि जांच के दौरान एक ऐसे समूह का पता चला है, जिस पर बड़ी रकम जुटाने और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इस्तेमाल करने का संदेह है। एजेंसी के मुताबिक, इस समूह ने पिछले साल सामने आए एक बड़े भ्रष्टाचार मामले के आरोपी की जमानत के लिए करीब 15 करोड़ यूक्रेनी रिव्निया की रकम जुटाने की कोशिश की थी। यह राशि लगभग 34 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर बताई जा रही है। मामले की जांच अब व्यापक स्तर पर की जा रही है।
परमाणु ऊर्जा कंपनी से जुड़ा था पुराना मामला
जांच में जिस पुराने भ्रष्टाचार मामले का संदर्भ सामने आया है, वह यूक्रेन की सरकारी स्वामित्व वाली परमाणु ऊर्जा कंपनी से जुड़ा था। उस मामले ने पहले भी यूक्रेनी सरकार को राजनीतिक संकट में डाला था। इसके चलते देश के न्याय मंत्री और ऊर्जा मंत्री को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा था। अब उसी पुराने प्रकरण से जुड़े आर्थिक लेन-देन की नई जांच ने सरकार के सामने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई बड़े अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में
NABU के अनुसार ताजा जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें एक पूर्व सांसद, सरकारी बैंक के बोर्ड के अध्यक्ष, बैंक के पर्यवेक्षी बोर्ड के प्रमुख और राष्ट्रपति कार्यालय के एक उप प्रमुख शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि संदिग्ध समूह ने कथित तौर पर बड़ी रकम को अलग-अलग वित्तीय माध्यमों से जुटाने और उसे वैध दिखाने की कोशिश की। हालांकि जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
जेलेंस्की ने अधिकारी को पद से हटाया
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस जांच को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। हालांकि उन्होंने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए इरिना मुद्रा को राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख पद से हटा दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच एजेंसियों ने मुद्रा को मौजूदा मामले में संदिग्ध के तौर पर नामित नहीं किया है। इसके बावजूद उनकी बर्खास्तगी को भ्रष्टाचार मामले से जुड़े प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यालय में जांच और तलाशी की खबर
यूक्रेनी सांसद ओलेक्सी होंचारेंको के अनुसार जांचकर्ताओं ने बुधवार को इरिना मुद्रा के कार्यालय की तलाशी भी ली। इस तलाशी के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बड़ी रकम किन माध्यमों से जुटाई गई और उसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
जेलेंस्की के करीबियों पर पहले भी उठे सवाल
जेलेंस्की सरकार को इससे पहले भी उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। पिछले साल उनके चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्हें एक महंगी निर्माण परियोजना से जुड़े कथित बड़े भ्रष्टाचार मामले में संदिग्ध बनाया गया था। ऐसे मामलों ने जेलेंस्की सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।
चुनाव की मांग के बीच नया राजनीतिक संकट
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री ने देश में चुनाव कराने की मांग उठाई है। रूस के साथ जारी युद्ध के कारण यूक्रेन में राजनीतिक प्रक्रिया पहले जैसी सामान्य स्थिति में नहीं है। ऐसे में चुनाव को लेकर बहस के बीच राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार मामले का सामने आना जेलेंस्की के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि मौजूदा जांच में राष्ट्रपति जेलेंस्की खुद आरोपी या संदिग्ध नहीं हैं।
यूरोपीय संघ की राह में भ्रष्टाचार बड़ी चुनौती
यूक्रेन के लिए भ्रष्टाचार केवल घरेलू राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यूरोपीय संघ में शामिल होने की उसकी कोशिशों से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यूरोपीय संघ पहले ही गहरी जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार को यूक्रेन की सदस्यता की राह में प्रमुख बाधाओं में शामिल कर चुका है। ऐसे में उच्चस्तरीय भ्रष्टाचार के नए मामले जेलेंस्की सरकार के लिए चुनौती बढ़ा सकते हैं। रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन को सैन्य सहायता के साथ संस्थागत सुधार और पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव भी झेलना पड़ रहा है।
युद्ध के बीच सरकार पर बढ़ता दबाव
रूस के लगातार हमलों के बीच जेलेंस्की सरकार के सामने सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और राजनीति से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप सरकार की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी अदालत के फैसले के बाद ही तय होगी। फिलहाल इस मामले ने यूक्रेन में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और जेलेंस्की सरकार की जवाबदेही को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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