Google-Spirit Airlines Deal: 10 मिलियन डॉलर की डील पर बड़ा खुलासा, Google ने बताया क्या खरीदा

Google और Spirit Airlines की डील को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। Google ने 10 मिलियन डॉलर में Spirit के आंतरिक बिजनेस डेटा और कस्टम सॉफ्टवेयर के लिए बोली जीती है। कंपनी ने साफ किया कि उसने Spirit Airlines का एयरलाइन कारोबार या ब्रांड नहीं खरीदा, बल्कि डेटा और तकनीकी संपत्तियां हासिल की हैं।

Google-Spirit Airlines Deal:  Google और दिवालिया हो चुकी Spirit Airlines के बीच हुई एक बड़ी डील इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Google ने Spirit Airlines की नीलामी में 10 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर कंपनी का इंटरनल बिजनेस डेटा और कस्टम सॉफ्टवेयर हासिल किया है। Google का कहना है कि इस सामग्री का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल की ट्रेनिंग में किया जा सकता है। हालांकि, सौदा अभी पूरी तरह अंतिम नहीं हुआ है और इसके लिए अमेरिकी अदालत की मंजूरी जरूरी है।

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19 अगस्त को अदालत में होगी सुनवाई

Spirit Airlines की संपत्तियों से जुड़े इस सौदे पर 19 अगस्त को US Bankruptcy Court for the Southern District of New York में सुनवाई निर्धारित थी। मामले की सुनवाई जज Sean Lane के सामने होनी है। Google की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित खरीद में यात्रियों की निजी जानकारी या क्रेडिट कार्ड डेटा शामिल नहीं है। यही वजह है कि डील के सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि Google को वास्तव में कौन-कौन से कारोबारी संसाधन मिलने वाले हैं।

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Google ने बढ़ाकर 10 मिलियन डॉलर की बोली लगाई

नीलामी में Google को अकेले मुकाबला नहीं करना पड़ा। शुरुआत में Google ने 5 मिलियन डॉलर की पेशकश की थी। इसके बाद AI डेटा कंपनी Mercor ने 5.2 मिलियन डॉलर की बोली लगाई और बाद में कच्चा डेटा लेकर उसे खुद अनॉनिमाइज करने की शर्त के साथ 7 मिलियन डॉलर की पेशकश की। इसके जवाब में Google ने अपनी बोली बढ़ाकर 10 मिलियन डॉलर कर दी। इस तरह Google नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगाने वाला खरीदार बना, जबकि Mercor को 7.5 मिलियन डॉलर की बैकअप बोली लगाने वाला खरीदार बताया गया।

Google को मिला विशाल इंटरनल डेटा पैकेज

अदालती दस्तावेजों के अनुसार Google को मिलने वाला डेटा काफी व्यापक है। पैकेज में लगभग 100 मिलियन ईमेल और करीब 500 मिलियन Microsoft Teams संदेश शामिल बताए गए हैं। इसके साथ लगभग 30 मिलियन लाइन का कोड, सॉफ्टवेयर मॉडल और डेवलपमेंट से संबंधित मेटाडेटा भी सौदे का हिस्सा है। कंपनी के पुराने रिकॉर्ड भी इसमें शामिल बताए गए हैं।

कर्मचारियों और कारोबार से जुड़ी जानकारी भी शामिल

दस्तावेजों के मुताबिक पैकेज में 1986 से अब तक के 1.75 लाख से अधिक कर्मचारी रिकॉर्ड मौजूद हैं। इसके अलावा कंपनी के रेवेन्यू, विमान संचालन, कर्मचारियों की उत्पादकता, ऑडिट, फ्रॉड से संबंधित सामग्री, मार्केटिंग कैंपेन, HR फाइलें, बोर्ड प्रेजेंटेशन और बजट दस्तावेज भी शामिल हैं। इतने बड़े डेटा सेट से Google को किसी एयरलाइन के संचालन और कारोबारी प्रक्रियाओं को समझने के लिए व्यापक सामग्री मिल सकती है।

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यात्रियों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी चर्चा में

अदालती दस्तावेजों में लगभग 7.2 अरब प्रतिस्पर्धी उड़ानों की कीमतों और 2008 से जुड़े करीब 7.5 अरब पैसेंजर ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड्स का उल्लेख किया गया है। हालांकि Google को Spirit Airlines के लगभग 97.5 मिलियन पैसेंजर प्रोफाइल और अनुमानित 50.2 मिलियन Free Spirit लॉयल्टी रिकॉर्ड्स नहीं मिले हैं। यानी यात्रियों की व्यक्तिगत प्रोफाइल का बड़ा हिस्सा इस प्रस्तावित सौदे में शामिल नहीं बताया गया है।

ग्राहक सूची बेचने का अधिकार बरकरार

Spirit Airlines की एस्टेट के पास अपनी ग्राहक सूची बेचने का अधिकार बरकरार रहने की बात भी सामने आई है। इसमें यात्रियों के सालाना खर्च से जुड़े आंकड़े समग्र रूप में शामिल किए जा सकते हैं। ऐसे डेटा को भविष्य में हॉस्पिटैलिटी या ट्रैवल सेक्टर से जुड़े संभावित खरीदारों को उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि यह Google को मिलने वाले पैकेज से अलग व्यवस्था है।

डेटा को पहले किया जाएगा डी-आइडेंटिफाई

Google के अनुसार उसे मिलने वाले डेटा से पहचान संबंधी जानकारी हटाई जाएगी। बिक्री समझौते के मुताबिक इसके लिए ऐसी एजेंसी का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे Google स्वीकार करे या जिसके चयन में उसकी भूमिका हो। डेटा को Google तक पहुंचाने से पहले डी-आइडेंटिफिकेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसका खर्च भी Google उठाएगा। कंपनी को प्रक्रिया की समीक्षा करने और उस पर टिप्पणी करने का अवसर भी मिलेगा।

AI ट्रेनिंग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है डेटा?

दिलचस्प बात यह है कि डेटा से नाम और सीधे पहचान वाले विवरण हटाए जाने के बाद भी रिकॉर्ड्स के बीच मौजूद संबंध बनाए रखे जाएंगे। यही कनेक्शन इस सामग्री को AI सिस्टम और AI एजेंट्स की ट्रेनिंग के लिए उपयोगी बना सकते हैं। हालांकि अंतिम रूप से Google इस डेटा का किस तरह इस्तेमाल करेगा, यह सौदा पूरा होने और निर्धारित प्रक्रियाओं के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यह डील टेक्नोलॉजी, डेटा और एयरलाइन कारोबार के बीच बढ़ते संबंधों का एक अहम उदाहरण बनकर सामने आई है।

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Chandan Das

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