VVMC Election Results 2026: महाराष्ट्र में चल रहे नगर निकाय चुनावों के परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं। जहाँ एक ओर राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी और महायुति गठबंधन सत्ता की ओर बढ़ता दिख रहा है, वहीं मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई-विरार नगर निगम (VVMC) में समीकरण बिल्कुल अलग नजर आए। यहाँ किसी राष्ट्रीय पार्टी या बड़े गठबंधन का जादू नहीं चला, बल्कि एक क्षेत्रीय संगठन बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) ने अपना दबदबा कायम रखा है। हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने साबित कर दिया है कि स्थानीय मुद्दों और जमीनी पकड़ के सामने बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण फेल हो सकते हैं।
चुनावी आंकड़े: BVA को पूर्ण बहुमत और मेयर पद पर कब्जा
115 सीटों वाली वसई-विरार नगर निगम में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए बहुमत का आंकड़ा पार करना अनिवार्य था। मतगणना के रुझानों और परिणामों के अनुसार, बहुजन विकास अघाड़ी ने 71 सीटों पर शानदार जीत और बढ़त हासिल कर ली है। इस स्पष्ट बहुमत के साथ अब यह तय हो गया है कि इस बार भी वसई-विरार का मेयर हितेंद्र ठाकुर की पार्टी से ही होगा। विपक्षी खेमे में छटपटाहट के बावजूद, BVA ने अपने किले को सुरक्षित रखने में कामयाबी हासिल की है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बीजेपी और शिवसेना का निराशाजनक प्रदर्शन: महायुति को मिली मात
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। बीजेपी को केवल 43 सीटों पर संतोष करना पड़ा है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है। वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को केवल एक सीट पर बढ़त मिल सकी। सबसे बुरा हाल उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (दोनों गुटों) का रहा, जिनका खाता तक नहीं खुल सका। इसके अलावा वंचित बहुजन अघाड़ी, आप, बसपा और एमआईएम जैसी अन्य पार्टियों का भी पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया।
उतार-चढ़ाव भरे परिणाम: पूर्व मेयरों की किस्मत का फैसला
जीत की खुशी के बीच कुछ बड़े नेताओं को व्यक्तिगत हार का सामना भी करना पड़ा है। पूर्व मेयर रूपेश जाधव अपने ही वार्ड से चुनाव हार गए हैं, जो विपक्ष के लिए एक छोटी राहत की बात है। हालांकि, पूर्व मेयर प्रवीण शेट्टी अपनी सीट बचाने में सफल रहे। BVA के लिए वार्ड नंबर 5 से एक परेशान करने वाली खबर आई, जहाँ पार्टी प्रमुख हितेंद्र ठाकुर के चचेरे भाई और पूर्व चेयरमैन पंकज ठाकुर को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पूर्व कॉर्पोरेटर हार्दिक राउत भी अपनी सीट नहीं बचा सके। ये हारें दिखाती हैं कि मतदाताओं ने उम्मीदवारों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी गौर किया है।
वसई-विरार नगर निगम का अंतिम सीट गणित
चुनावी नतीजों की संक्षिप्त तालिका इस प्रकार है:
| पार्टी | सीटें/बढ़त |
| बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) | 71 |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 43 |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 01 |
| शिवसेना (UBT) | 00 |
| कांग्रेस / NCP (दोनों गुट) | 00 |
| अन्य (वंचित, AAP, SP) | 00 |
स्थानीय अस्मिता की जीत
वसई-विरार का यह चुनाव परिणाम स्पष्ट करता है कि यहाँ की राजनीति आज भी ठाकुर परिवार और स्थानीय विकास के इर्द-गिर्द घूमती है। राज्य में भले ही महायुति की लहर हो, लेकिन वसई-विरार ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान को बरकरार रखा है। बीजेपी के लिए यह हार एक बड़े आत्ममंथन का संकेत है कि केवल राष्ट्रीय मुद्दों के सहारे इस क्षेत्र की क्षेत्रीय शक्ति को चुनौती देना आसान नहीं होगा।
















