Myanmar-Assam Drug Route : गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने म्यांमार से राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के सामने आए नए मार्ग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, तस्कर अब मणिपुर के पारंपरिक मोरेह मार्ग के बजाय अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के रास्ते असम के तिनसुकिया तक ड्रग्स पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ऊपरी असम के लिए बेहद चिंताजनक संकेत बताया है।
मोरेह के बाद चांगलांग से तिनसुकिया तक नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले म्यांमार से भारत में ड्रग्स पहुंचाने के लिए मणिपुर के मोरेह इलाके का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया जाता था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बाद तस्करों ने कथित तौर पर अपना रास्ता बदलना शुरू कर दिया है। अब चांगलांग से होते हुए तिनसुकिया तक नया रूट इस्तेमाल किए जाने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है।
गिरफ्तार तस्करों से मिली नए रूट की जानकारी
हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, हाल में गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध ड्रग तस्करों से पूछताछ के दौरान इस नए मार्ग और इससे जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सरकार का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमा और संवेदनशील इलाकों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
80 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त होने का दावा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हाल में असम में लगभग 80 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाओं की बड़ी खेप जब्त की गई है। उनके अनुसार, बरामद की गई ड्रग्स को पंजाब पहुंचाने की योजना थी। उन्होंने इसे राज्य में अब तक पकड़ी गई बड़ी खेपों में से एक बताते हुए कहा कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
तस्करों के रास्ते बदलने पर सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी ड्रग तस्करी के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लगातार कार्रवाई से दबाव में आए तस्कर नए रास्ते तलाश सकते हैं, लेकिन सरकार की रणनीति और संकल्प में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रशासन का लक्ष्य ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उन्हें खत्म करना और नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकना है।
चांगलांग इलाके में सुरक्षा निगरानी बढ़ी
अरुणाचल प्रदेश का चांगलांग जिला म्यांमार से सटा हुआ है। इसी वजह से सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों को लेकर यह इलाका सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, म्यांमार में तैयार होने वाली ड्रग्स को सीमा से लगे दुर्गम क्षेत्रों के जरिए भारत में लाने की कोशिशें पहले भी सामने आती रही हैं। नए रूट की जानकारी के बाद यहां निगरानी और बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अरुणाचल में भी तेज हुआ नशे के खिलाफ अभियान
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अरुणाचल प्रदेश में भी सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। हाल के दिनों में संदिग्ध तस्करों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी से संबंधित अभियान तेज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी के बिना अंतरराज्यीय और सीमा पार ड्रग नेटवर्क पर पूरी तरह अंकुश लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
गोल्डन ट्राएंगल से जुड़ा पुराना ड्रग नेटवर्क
म्यांमार अंतरराष्ट्रीय अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में लंबे समय से चर्चा में रहा है। म्यांमार, थाईलैंड और लाओस की सीमाओं के आसपास स्थित गोल्डन ट्राएंगल क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से अफीम और हेरोइन के उत्पादन के लिए जाना जाता रहा है। पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति और म्यांमार के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण इस क्षेत्र में ड्रग तस्करी पर नियंत्रण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।
स्टिलवेल रोड से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां
असम, म्यांमार और चीन को जोड़ने वाली ऐतिहासिक स्टिलवेल रोड भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों से गुजरने वाले ऐसे मार्गों पर अवैध गतिविधियों की आशंका समय-समय पर सामने आती रही है। नए ड्रग रूट की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती बढ़ गई है।
ड्रग तस्करी रोकना सरकार के सामने बड़ी चुनौती
म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश होते हुए असम तक कथित नए ड्रग रूट का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। तस्करी नेटवर्क कार्रवाई से बचने के लिए रास्ते बदलने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में असम और अरुणाचल प्रदेश की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान अहम होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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