Anurag Thakur on Rahul Gandhi : हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित लॉटरी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी को निशाने पर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लॉटरी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसका सबसे ज्यादा असर प्रदेश के युवाओं और आम लोगों पर पड़ सकता है। ठाकुर ने सरकार से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
अनुराग ठाकुर ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हिमाचल के लोगों की मेहनत की कमाई को जोखिम में डालने वाली व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उनके मुताबिक, लॉटरी को बढ़ावा देने से लोगों में बिना मेहनत जल्दी पैसा कमाने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को लेकर चिंता जताई और कहा कि रोजगार तथा कौशल विकास के बजाय लॉटरी जैसी व्यवस्था को प्राथमिकता देना उनके भविष्य के लिए उचित नहीं है।
राहुल गांधी पर भी लगाया सीधा आरोप
बीजेपी सांसद ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल में लॉटरी व्यवस्था लाने का कदम राहुल गांधी के निर्देश पर उठाया जा रहा है। ठाकुर ने इसे प्रदेश की आम जनता की आर्थिक स्थिति पर असर डालने वाला फैसला बताया। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
युवाओं को लेकर बीजेपी सांसद ने जताई चिंता
अनुराग ठाकुर ने कहा कि लॉटरी जैसी व्यवस्था युवाओं को जुए और किस्मत के भरोसे पैसा कमाने की मानसिकता की तरफ आकर्षित कर सकती है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा को मजबूत करने और कौशल विकास पर ध्यान देने के बजाय लॉटरी को क्यों आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पूर्व सरकारों की नीतियों का किया उल्लेख
अनुराग ठाकुर ने अपने बयान में हिमाचल प्रदेश की पिछली सरकारों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह की सरकारों ने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद लॉटरी व्यवस्था को लेकर विरोध का रुख अपनाया था। ठाकुर के मुताबिक, जब अलग विचारधाराओं वाली सरकारें भी इस विषय पर समान चिंता जता चुकी हैं, तो मौजूदा सरकार को अपने प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
‘जनता की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे’
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि लॉटरी व्यवस्था से आम लोगों की मेहनत की कमाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे लोगों की आय बढ़े और युवाओं को स्थायी रोजगार मिले। ठाकुर ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह लॉटरी के प्रस्ताव के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन करे और जनता के हित को सबसे ऊपर रखे।
कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रही बीजेपी
लॉटरी को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस सरकार से कई सवाल पूछे हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य क्या है और इससे प्रदेश को किस तरह का लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, सरकार की ओर से इस प्रस्ताव और बीजेपी के आरोपों पर आधिकारिक रूप से क्या रुख सामने आता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
लॉटरी मुद्दे पर आगे बढ़ सकती है राजनीतिक लड़ाई
हिमाचल प्रदेश में लॉटरी व्यवस्था का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। बीजेपी इसे युवाओं और आम जनता के भविष्य से जोड़कर कांग्रेस सरकार पर दबाव बना रही है। दूसरी ओर, प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर सरकार का अंतिम फैसला इस विवाद की दिशा तय करेगा। फिलहाल अनुराग ठाकुर के तीखे बयान के बाद हिमाचल की राजनीति में लॉटरी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।
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