Russia Plant Fire: रूस के सुदूर पूर्व स्थित निर्माणाधीन अमूर गैस-केमिकल प्लांट में लगी भीषण आग ने गंभीर औद्योगिक हादसे का रूप ले लिया है। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। प्लांट प्रशासन के अनुसार, मृतकों में 14 विदेशी नागरिक शामिल हैं। घटना में घायल 39 मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्र में अभियान चलाया और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी श्रमिकों की
प्लांट में आग लगने के बाद शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की बात सामने आई थी। बुधवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में छह चीनी नागरिक शामिल थे। इसके बाद गुरुवार को प्लांट प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़कर 15 होने की पुष्टि की। प्रशासन ने बताया कि इनमें 14 विदेशी नागरिक हैं। हालांकि, सभी मृतकों की राष्ट्रीयता और पहचान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
39 मजदूरों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
आग की चपेट में आने से बड़ी संख्या में श्रमिक घायल भी हुए हैं। कुल 39 मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से नौ घायलों की स्थिति या उपचार की जरूरत को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए विमान से मॉस्को भेजा गया। स्थानीय स्तर पर भी अन्य घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन राहत कार्यों के साथ घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रहा है।
सिबुर और साइनोपेक का संयुक्त प्रोजेक्ट
अमूर गैस-केमिकल प्लांट रूस की प्रमुख कंपनी सिबुर और चीन की साइनोपेक का संयुक्त औद्योगिक प्रोजेक्ट है। इसे पॉलीइथिलीन और पॉलीप्रोपिलीन उत्पादन क्षमता के लिहाज से दुनिया के बड़े संयंत्रों में गिना जाता है। परियोजना में हर साल लगभग 23 लाख टन पॉलीइथिलीन और करीब चार लाख टन पॉलीप्रोपिलीन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने से पहले हादसा
हादसे के समय अमूर प्लांट में नियमित व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ था। संयंत्र में निर्माण कार्य के साथ उत्पादन शुरू करने से पहले की तैयारियां और कमीशनिंग से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं। ऐसे समय में आग लगने से परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासन अब घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।
औद्योगिक सुरक्षा नियमों की जांच शुरू
रूस की जांच एजेंसी ने घटना के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि आग आखिर किस वजह से लगी और क्या संयंत्र में औद्योगिक सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था। अधिकारियों यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही या तकनीकी चूक तो नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
यूक्रेन हमले की अटकलों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं
आग की घटना ऐसे समय हुई है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। हादसे के शुरुआती समय में ऐसी आशंकाएं भी सामने आई थीं कि कहीं संयंत्र को यूक्रेन की ओर से संभावित हमले में नुकसान तो नहीं पहुंचा। हालांकि, रूस और प्लांट प्रशासन ने अभी तक इस संभावना की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल जांच का प्रमुख फोकस औद्योगिक सुरक्षा और आग लगने के वास्तविक कारणों पर है।
रूस-चीन औद्योगिक सहयोग पर भी असर
अमूर गैस-केमिकल प्लांट रूस और चीन के बीच बड़े औद्योगिक सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में निर्माण चरण के दौरान हुआ यह गंभीर हादसा दोनों देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विदेशी श्रमिकों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने से परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल प्रशासन का प्राथमिक ध्यान घायलों के उपचार, राहत कार्य और निष्पक्ष जांच पूरा करने पर है।
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