Vinesh Phogat on PM Modi: पूर्व भारतीय पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की खेल नीतियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने खेल संघों में पारदर्शिता, खिलाड़ियों की सुरक्षा और पदाधिकारियों की जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाते हुए प्रधानमंत्री की खेल आयोजनों में भागीदारी पर भी सवाल किया। विनेश के बयान के बाद खेल प्रशासन और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री पर तीखा हमला
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे कार्यक्रम में कैसे शामिल हो सकते हैं, जहां उनके अनुसार कुछ खेल महासंघों में सत्तारूढ़ दल से जुड़े ऐसे लोग मौजूद हैं, जिन पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं। विनेश ने अपने संदेश में महिलाओं के कथित शोषण और अन्य अनियमितताओं का भी उल्लेख किया।
सत्तारूढ़ दल पर लगाए गंभीर आरोप
विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ऐसे लोगों को समर्थन देता है और उन्हें मनमानी करने की छूट मिलती है। हालांकि, ये आरोप विनेश फोगाट के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनके संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस जानकारी में सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने तंज में अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के पुराने बयानों का संदर्भ भी दिया।
पीएम मोदी के संबोधन के बाद आया बयान
विनेश फोगाट का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ कार्यक्रम में दिए गए संबोधन के बाद सामने आया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने भारत में खेलों के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मौजूदगी मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
नए खेलों को बढ़ावा देने पर पीएम का जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि भारत की भौगोलिक विविधता का इस्तेमाल अलग-अलग खेलों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देने की दिशा में भी अपनी बात रखी।
गांवों से प्रतिभाएं तलाशने की योजना
पीएम मोदी ने देश के गांवों और छोटे क्षेत्रों से खेल प्रतिभाओं को खोजने की योजना का भी उल्लेख किया। इसके तहत 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विभिन्न खेल विधाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में लगातार काम करना चाहिए।
2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक की तैयारी
प्रधानमंत्री ने भारत में वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक की संभावित मेजबानी की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने खेलों के लिए देश में मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेलों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। सरकार की इन योजनाओं को भारतीय खेल व्यवस्था के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
विनेश के बयान से फिर गरमाई खेल राजनीति
प्रधानमंत्री के खेल विकास से जुड़े संदेश के बीच विनेश फोगाट की आलोचना ने खेल महासंघों की कार्यप्रणाली को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विनेश लंबे समय से खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाती रही हैं और अब उन्होंने खेल संघों में जवाबदेही तथा सुरक्षा का सवाल सामने रखा है। उनके ताजा बयान से खेल प्रशासन और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
खिलाड़ियों की सुरक्षा और जवाबदेही बना बड़ा मुद्दा
विनेश फोगाट के बयान का मुख्य केंद्र खेल संस्थाओं में पारदर्शिता और खिलाड़ियों की सुरक्षा है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित खेल महासंघ उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल एक ओर केंद्र सरकार खेलों का विस्तार और नई प्रतिभाओं को अवसर देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर विनेश फोगाट ने खेल संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाकर इस बहस को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
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