Nepal Flood 2026 Update : 18 किमी ऊपर बनी नई झील, चीन ने दी फटने की चेतावनी; 359 मौतें, 288 भारतीय लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बीच एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। चीन ने नेपाल-चीन सीमा के पास ल्हेंदे नदी के ऊपरी हिस्से में बनी नई झील के फटने की चेतावनी दी है। इस बीच नेपाल में 359 शव बरामद हुए हैं और करीब 1,500 लोग लापता हैं, जिनमें 288 भारतीय नागरिक शामिल हैं।

Nepal Flood 2026: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद हालात अभी सामान्य भी नहीं हुए हैं कि एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। चीन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र से करीब 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में भारी मात्रा में पानी रुक गया है। पानी के इस तरह जमा होने से वहां एक अस्थायी झील बन गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण इसके टूटने की आशंका जताई जा रही है।

ads
Adst

ल्हेंदे नदी में बनी झील से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार, पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा, बर्फ और चट्टानें नदी में गिरने के कारण पानी का बहाव बाधित हुआ। इसके चलते नदी के एक हिस्से में पानी जमा होकर झील का रूप ले चुका है। यह झील करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली बताई जा रही है। अगर पानी का दबाव बढ़ा और यह प्राकृतिक अवरोध टूट गया, तो अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ सकता है।

Adst

भोटेकोशी नदी के किनारे रहने वालों को चेतावनी

नेपाल के जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने संभावित खतरे को देखते हुए भोटेकोशी नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने को कहा है। प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि झील टूटने की स्थिति में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ सकता है।

पहले से तबाही झेल रहे नेपाल पर नया संकट

नेपाल में बुधवार को आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अब तक इस आपदा में 359 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। आठ जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। मृतकों की संख्या सबसे ज्यादा चितवन में बताई गई है, जहां 132 शव मिले हैं। इसके अलावा पूर्वी नवलपरासी में भी 82 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

करीब 1,500 लोग अब भी लापता

बाढ़ और उससे जुड़ी प्राकृतिक आपदा के बाद करीब 1,500 लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। इस बीच 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें से 11 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

Adst

लैंडस्लाइड ने पैदा किया भूकंप जैसा झटका

बुधवार सुबह नेपाल-चीन सीमा के आसपास अचानक तेज झटके महसूस किए गए। यह घटना सुबह करीब 8 बजकर 37 मिनट पर हुई। शुरुआती जानकारी में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS ने इसे 4.4 तीव्रता के भूकंप के रूप में दर्ज किया था। झटके इतने तेज थे कि स्थानीय स्तर पर लोगों में भी दहशत फैल गई।

जांच में सामने आया लैंडस्लाइड का कारण

बाद में घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आने पर स्पष्ट हुआ कि ये झटके किसी भूकंप की वजह से नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण पैदा हुए थे। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में आ गिरा था। भारी मलबे के नदी में गिरने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हुआ और इसी कारण वहां जलभराव की स्थिति बनी।

भोटेकोशी की सहायक नदी है ल्हेंदे खोला

ल्हेंदे खोला नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी का उद्गम चीन में होता है और इसके बाद यह नेपाल में प्रवेश करती है। ऐसे में ऊपरी हिस्से में नदी के प्रवाह में पैदा हुआ अवरोध नीचे के इलाकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसी वजह से नेपाली प्रशासन ने नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

USGS ने भी स्थिति स्पष्ट की

शुरुआत में भूकंप की सूचना सामने आने के बाद लोगों में प्राकृतिक झटकों को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, बाद की जांच में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुई। USGS ने भी बताया कि करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा महसूस हुआ झटका वास्तव में बड़े लैंडस्लाइड के कारण उत्पन्न हुआ था। पहाड़ का हिस्सा नदी में गिरने से पैदा हुए प्रभाव ने इलाके में तेज कंपन महसूस कराया।

झील टूटी तो फिर आ सकती है अचानक बाढ़

सबसे बड़ी चिंता अब इसी अस्थायी झील को लेकर है। यदि जलस्तर लगातार बढ़ता रहा और जमा पानी ने प्राकृतिक अवरोध को तोड़ दिया, तो नीचे की ओर अचानक तेज बहाव आ सकता है। इससे भोटेकोशी नदी के किनारे बसे इलाकों में दोबारा बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों को एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है।

राहत और बचाव अभियान के सामने बड़ी चुनौती

पहले से ही बाढ़, भूस्खलन और भारी नुकसान का सामना कर रहे नेपाल में नया जलभराव राहत एवं बचाव अभियानों के लिए चुनौती बन सकता है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के बीच एजेंसियों को एक साथ कई प्रभावित क्षेत्रों में काम करना पड़ रहा है। संभावित झील टूटने के खतरे ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है।

भारतीय नागरिकों को लेकर भी बढ़ी चिंता

नेपाल में फंसे और लापता भारतीयों को लेकर भारत में भी चिंता बनी हुई है। 288 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना के बीच 21 लोगों का बचाया जाना राहत की खबर है। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की कोशिश है कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाए और लापता नागरिकों का पता लगाया जा सके।

हालात पर लगातार निगरानी जरूरी

नेपाल में बाढ़ के बाद अब ल्हेंदे नदी में बनी झील और उसके संभावित टूटने का खतरा नई चुनौती बन गया है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि जलस्तर और प्राकृतिक अवरोध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी संभावित अचानक बाढ़ से पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

Read More  :  Operation Sindoor: S-400 की लोकेशन जानने पाकिस्तान ने चलाया जासूसी अभियान, पूर्व अधिकारी का दावा

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst