Nepal Flood Rescue : नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। संकट की इस घड़ी में भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ नेपाल को मानवीय सहायता देने के लिए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेपाल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन और भारतीय नागरिकों की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।
चीन की ओर फंसे करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बाढ़ के कारण चीन की तरफ फंसे लगभग 400 भारतीय नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं। ये लोग लगातार अपने परिवारों के संपर्क में हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की योजना तैयार कर रहा है।
96 भारतीय सड़क मार्ग से नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की तरफ फंसे 96 अन्य भारतीय नागरिकों को सुरक्षित नेपाल की सीमा में पहुंचा दिया गया है। इन लोगों ने सड़क मार्ग के जरिए नेपाल में प्रवेश किया। सरकार लगातार दोनों देशों के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है, ताकि वहां फंसे अन्य भारतीयों को भी जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
तमिलनाडु के 21 नागरिक सुरक्षित दिल्ली पहुंचे
नेपाल के प्रभावित इलाकों से बचाए गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिक अब सुरक्षित दिल्ली पहुंच चुके हैं। इससे रेस्क्यू अभियान में जुटी एजेंसियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले त्रिशूली-वन जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय कर्मचारियों को भी सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया था।
320 भारतीय नागरिक अब भी लापता
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अभी भी उन 320 भारतीय नागरिकों को तलाशना है, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनके परिवारों की चिंता बढ़ी हुई है और भारतीय अधिकारी नेपाली प्रशासन के साथ मिलकर जानकारी जुटा रहे हैं। इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 100 भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों से भी संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री से भरी पहली फ्लाइट
नेपाल में तबाही के बाद भारत ने तत्काल मानवीय सहायता पहुंचानी शुरू कर दी थी। 26 अगस्त की शाम को 10 टन राहत सामग्री लेकर पहली फ्लाइट रवाना की गई। इसमें आवश्यक दवाएं, टेंट, कंबल और सोलर लैंप जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल थीं, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
दूसरी फ्लाइट में 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई
27 अगस्त को भारत ने दूसरी उड़ान नेपाल भेजी, जिसमें करीब 37.5 टन राहत सामग्री थी। इस खेप में बड़े जनरेटर, वाटर पंप और खाद्य सामग्री समेत आपदा राहत के लिए जरूरी सामान शामिल किया गया। भारत का कहना है कि नेपाल की जरूरतों के अनुसार आगे भी सहायता लगातार भेजी जाएगी।
तीसरी फ्लाइट में 13 टन तक अतिरिक्त सामग्री
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल के अनुरोध और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीसरी फ्लाइट भी तैयार की जा रही है। इसमें करीब 12 से 13 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी जाएगी। भारत सरकार का कहना है कि पड़ोसी देश में राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हालात में सुधार नहीं आता।
सुरंग बचाव दल भेजने की तैयारी
रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल के अनुरोध पर भारत सुरंग बचाव दल भेजने की तैयारी कर रहा है। सबसे पहले एक रेकी टीम मौके पर भेजी जाएगी। यह टीम प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेकर बताएगी कि बचाव अभियान के लिए किस तरह के उपकरण और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता है।
मेडिकल टीम और NDRF की भी पेशकश
भारत ने नेपाल को मेडिकल टीम उपलब्ध कराने की भी पेशकश की है। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए बैली ब्रिज और उससे जुड़ी तकनीकी टीम देने का प्रस्ताव रखा गया है। भारत ने खोज और बचाव अभियान में सहायता के लिए NDRF की टीमें और जरूरी उपकरण भेजने की पेशकश भी की है।
नेपाल के जवाब का इंतजार, मदद के लिए भारत तैयार
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत नेपाल सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है। नेपाल को जिस भी तरह की सहायता की जरूरत होगी, भारत उसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। सरकार का लक्ष्य अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के साथ नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। भारत ने स्पष्ट किया है कि बचाव और मानवीय सहायता का अभियान स्थिति सामान्य होने तक जारी रहेगा।
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