Nepal Flood: उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बाढ़ का असर अब गंभीर रूप से दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों में प्रदेश की अलग-अलग नदियों से कुल 10 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आशंका है कि इनमें से कई शव नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे हैं। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और उनके परिजनों की तलाश जारी है।
महाराजगंज और कुशीनगर में छह शव बरामद
बरामद किए गए शवों में छह शव महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक नदी से मिले हैं। दोनों जिले नेपाल की सीमा के करीब स्थित हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी भी शव की पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन नेपाल के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों में शामिल हैं या नहीं।
महाराजगंज में नदी से मिले तीन शव
महाराजगंज में गुरुवार को गंडक नदी की तेज धारा में तीन शव दिखाई दिए। इनमें दो महिलाओं के शव भी शामिल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद नदी और आसपास के क्षेत्र में निगरानी कर रही सशस्त्र सीमा बल यानी SSB की बचाव टीम सक्रिय हुई। टीम ने मोटरबोट की मदद से शवों को नदी से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया।
कुशीनगर में भी तीन शव बरामद
कुशीनगर में शुक्रवार को गंडक नदी से तीन और शव बरामद किए गए। ये शव खड्डा क्षेत्र के मदनपुर-सुकरौली इलाके में बैराज के पियर नंबर तीन के पास दिखाई दिए थे। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। खड्डा थाना प्रभारी संदीप सिंह के मुताबिक, SDRF की निगरानी टीमों ने नदी में शव तैरते देखे, जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
नेपाल से शव बहकर आने की आशंका
गंडक नदी नेपाल से होकर भारत में प्रवेश करती है और यह नदी प्रणाली नेपाल की त्रिशूली नदी प्रणाली से जुड़ी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि नेपाल में आई अचानक बाढ़ के कारण पानी का बहाव तेज हुआ और संभव है कि शव भी इसी प्रवाह के साथ भारतीय क्षेत्र तक पहुंच गए हों। मृतकों की पहचान के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
नदी के साथ बहकर आया भारी मलबा
शवों के अलावा गंडक नदी अपने साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी बहाकर भारतीय इलाकों तक लाई है। इसमें वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और लकड़ी के बड़े लट्ठे शामिल बताए जा रहे हैं। नदी किनारे कई जगहों पर यह सामान जमा हो गया है। स्थानीय ग्रामीण इसे देखने और निकालने के लिए बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों को नदी में नहीं उतरने की चेतावनी
प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी के पानी में उतरकर सामान निकालने से साफ तौर पर बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि नदी में मिलने वाली किसी भी वस्तु को स्वयं निकालने के बजाय प्रशासन को इसकी सूचना दी जाए। तेज बहाव के कारण नदी में उतरना जानलेवा हो सकता है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
26 अगस्त को नेपाल में आई थी अचानक बाढ़
जानकारी के मुताबिक, नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद 26 अगस्त को फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी थी। इसके बाद बाढ़ का पानी त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों के जरिए निचले इलाकों की ओर बढ़ा। इस प्राकृतिक आपदा से नेपाल में बड़े पैमाने पर जनहानि और नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
यूपी में और शव मिलने की आशंका
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में भारतीय क्षेत्र में और शव या मलबा पहुंच सकता है। महाराजगंज और कुशीनगर में SSB, SDRF, पुलिस तथा जिला प्रशासन की टीमें लगातार नदी किनारे निगरानी कर रही हैं। जलस्तर में कमी आने से तत्काल बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन नदी का बहाव अभी भी तेज बताया जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शवों की पहचान और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के लिए नेपाल के साथ समन्वय जारी है। फिलहाल बचाव और निगरानी दल संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह सतर्क हैं।
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