Arun Sao Jashpur : जशपुरनगर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘चेकमेट एट जशपुर अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का शुभारंभ किया गया। पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतियोगिता की शुरुआत की। जशपुर में पहली बार इस स्तर की शतरंज प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। कार्यक्रम के साथ जिले को लगभग 93 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात भी मिली।
12 राज्यों से पहुंचे 175 से अधिक खिलाड़ी
29 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से 175 से अधिक खिलाड़ी और कोच हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। मुख्य वर्ग में विजेता खिलाड़ी को 50 हजार रुपये और ट्रॉफी, उपविजेता को 30 हजार रुपये तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 20 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
महिला और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार
प्रतियोगिता में महिला खिलाड़ियों के अलावा वरिष्ठ नागरिकों, अलग-अलग आयु वर्ग और रेटिंग श्रेणियों के प्रतिभागियों के लिए भी पुरस्कार रखे गए हैं। जशपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता फिडे स्विस प्रणाली के तहत कुल आठ चक्रों में आयोजित होगी, जिससे खिलाड़ियों को अलग-अलग प्रतिभागियों के साथ मुकाबला करने का अवसर मिलेगा।
शतरंज धैर्य और निर्णय क्षमता सिखाता है: अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण दिन जशपुर में राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता आयोजित होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि शतरंज भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति से जुड़ा खेल है, जो व्यक्ति में धैर्य, एकाग्रता और सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है।
राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने प्रतियोगिता को जशपुर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने से स्थानीय खिलाड़ियों को देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें अनुभव हासिल करने और अपनी प्रतिभा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
दादा-पोता भी एक साथ खेल सकते हैं शतरंज
योगेश बापट ने कहा कि शतरंज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं होती। इस खेल को दादा और पोता भी एक साथ बैठकर खेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि शतरंज खिलाड़ियों में एकाग्रता, अनुशासन, रणनीति, शांति और धैर्य जैसे गुण विकसित करता है। उनके मुताबिक इस खेल में हार भी सीखने का अवसर देती है, इसलिए इसे केवल जीत और हार तक सीमित नहीं देखना चाहिए।
जशपुर में खेल सुविधाओं का हो रहा विस्तार
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को जिले के लिए गौरव का विषय बताया। वहीं, कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए इंडोर स्टेडियम और कुनकुरी में स्टेडियम सहित फुटबॉल, क्रिकेट तथा रॉक क्लाइंबिंग जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
93 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन
शतरंज प्रतियोगिता के उद्घाटन के साथ उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जशपुर जिले में लगभग 93 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 86.99 करोड़ रुपये की अमृत मिशन जल प्रदाय योजना प्रमुख है। इसके अलावा करीब 7 करोड़ रुपये की गंदे पानी के शुद्धीकरण से संबंधित वाटर फिल्टर परियोजनाएं भी शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था मजबूत करना और जल प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
रानी सती तालाब और बस स्टैंड के लिए बड़ी राशि
जशपुर नगर के विकास के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों की घोषणा भी की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विकास में धन की कमी बाधा नहीं बनने दी जाएगी। रानी सती तालाब के विकास के लिए 4.30 करोड़ रुपये, हाईटेक बस स्टैंड के लिए 11.99 करोड़ रुपये और वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।
खेल और विकास दोनों पर सरकार का जोर
जशपुर में एक ओर राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता के जरिए खेल प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट भी शुरू किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से लेकर स्थानीय नागरिकों तक, आयोजन और विकास योजनाओं से क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का जोर खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ शहर की पेयजल और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर भी है।
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