Team India Fitness Test : भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम को 165 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद कोलंबो में हुआ दूसरा टेस्ट बारिश और खराब मौसम से प्रभावित रहा और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। सीरीज खत्म होने के महज दो दिन बाद ही केंद्रीय अनुबंध वाले कई भारतीय खिलाड़ी बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच गए।
व्यस्त कार्यक्रम से पहले खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट
श्रीलंका दौरे के दौरान लगातार मैदान पर मेहनत करने वाले खिलाड़ियों को सीरीज के बाद लंबा आराम नहीं मिला। आने वाले महीनों में भारतीय टीम का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। आगामी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के अलावा अगले साल होने वाले आईपीएल तक खिलाड़ियों को लगातार क्रिकेट खेलना होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर गंभीर नजर आ रहा है।
जडेजा, पंत और जायसवाल समेत कई खिलाड़ी पहुंचे बेंगलुरु
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिस्सा लेने वाले रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख खिलाड़ी फिटनेस प्रक्रिया के लिए बेंगलुरु पहुंचे। इनके अलावा श्रेयस अय्यर, रिंकू सिंह, संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे क्रिकेटर भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नजर आए। लगातार मैच खेलने से होने वाली थकान के बावजूद खिलाड़ियों ने बीसीसीआई की फिटनेस ड्रिल में हिस्सा लिया और अपनी तैयारी को परखा।
खिलाड़ियों को कई कठिन फिटनेस मानकों से गुजरना पड़ता है
भारतीय टीम में जगह बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों की फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। फिटनेस टेस्ट के दौरान उनकी स्पीड, स्टैमिना, कार्डियो क्षमता और मैदान पर तेजी से प्रदर्शन करने की क्षमता को जांचा जाता है। क्रिकेट के बदलते स्वरूप में खिलाड़ियों के लिए केवल बल्लेबाजी या गेंदबाजी में अच्छा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय तक मैदान पर प्रभावी प्रदर्शन करने के लिए बेहतरीन फिटनेस भी जरूरी हो गई है।
ब्रोंको और दो किलोमीटर रन से होती है फिटनेस की जांच
फिटनेस प्रक्रिया में ब्रोंको टेस्ट भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें खिलाड़ियों को निर्धारित समय के भीतर अलग-अलग दूरी की दौड़ पूरी करनी होती है। इसके अलावा कार्डियो क्षमता जांचने के लिए दो किलोमीटर रन कराया जाता है। खिलाड़ियों से यो-यो टेस्ट और विकेटों के बीच तेजी से दौड़ने जैसी क्रिकेट आधारित ड्रिल भी कराई जाती हैं। इन परीक्षणों के जरिए खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता का व्यापक आकलन किया जाता है।
बुमराह और हार्दिक पांड्या को फिलहाल मिली छूट
चोट से जूझ रहे जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी इस फिटनेस टेस्ट का हिस्सा नहीं बने। पूरी तरह फिट होने के बाद उनकी फिटनेस जांच की जाएगी। वहीं, श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में काफी गेंदबाजी करने वाले मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को थकान के कारण फिलहाल राहत दी गई है। इंग्लैंड दौरे के दौरान हैमस्ट्रिंग समस्या से परेशान रहे प्रिंस यादव अब फिट होकर चयन के लिए उपलब्ध बताए जा रहे हैं।
सितंबर से शुरू होगा भारतीय टीम का नया घरेलू अभियान
बीसीसीआई का नया घरेलू सीजन सितंबर से शुरू होने की तैयारी में है। कार्यक्रम के अनुसार भारत नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगा। इसके बाद भारतीय क्रिकेट की दो अलग-अलग टीमें अलग-अलग प्रतियोगिताओं में नजर आ सकती हैं। मुख्य टी20 टीम एशियन गेम्स में हिस्सा लेने के लिए जापान का रुख करेगी, जबकि दूसरी टीम भारत में रहकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 मुकाबले खेलेगी।
अगले आठ महीने खिलाड़ियों के लिए होंगे बेहद चुनौतीपूर्ण
भारतीय क्रिकेटरों के सामने आने वाले करीब आठ महीने काफी व्यस्त रहने वाले हैं। लगातार अलग-अलग फॉर्मेट में मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट अहम भूमिका निभाएगा। यही वजह है कि श्रीलंका सीरीज खत्म होते ही बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की फिटनेस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम प्रबंधन चोट से बचाव और खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता को प्राथमिकता दे रहा है।
Read More : Ambikapur News : अंबिकापुर जिला न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा