Nepal Flood 2026: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और हिमस्खलन के बाद रविवार को पांचवें दिन भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ और मलबे के बीच राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। बचाव दल जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक अलग-अलग स्थानों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए जा चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 734 हो गया है, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
आठ जिलों से बरामद किए गए शव
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDRRMA के अनुसार, प्रभावित सभी आठ जिलों में शवों की बरामदगी हुई है। नेपाल सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें लगातार मलबे, नदियों और प्रभावित बस्तियों में तलाश अभियान चला रही हैं। राहतकर्मी कठिन परिस्थितियों के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने और लापता नागरिकों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। समय बीतने के साथ अभियान की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।
ग्लेशियर टूटने के बाद मची भीषण तबाही
यह भयावह आपदा बुधवार 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद शुरू हुई। ग्लेशियर के टूटने से बर्फ और चट्टानों का विशाल हिस्सा तेजी से नीचे की ओर आया। इसके बाद नदियों में अचानक भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा पहुंच गया। तेज बहाव ने मध्य नेपाल के कई गांवों और कस्बों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते कई इलाकों में भारी तबाही फैल गई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया।
सड़कें और पुल भी बाढ़ में बहे
अचानक आए मलबे और पानी के सैलाब ने नेपाल के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई सड़कें और पुल बह गए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूट गया। इसके अलावा कई जलविद्युत परियोजनाएं भी बाढ़ और मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गईं। रास्ते बंद होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव दलों को प्रभावित स्थानों तक ले जाने में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
चितवन में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज
राहत एजेंसियों के अनुसार, चितवन जिले में सबसे अधिक 259 शव बरामद किए गए हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 184 और नवलपरासी पश्चिम से 82 शव मिले हैं। गोरखा में 58, नुवाकोट में 52 और धाडिंग में 50 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं तनहुं से 36 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं। आंकड़े बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि कई इलाकों में तलाश अभियान अभी जारी है।
करीब 2,500 लोग अभी भी लापता
NDRRMA ने बताया कि 2,498 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें राहत और बचाव कार्य में शामिल 85 सुरक्षाकर्मी भी बताए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न देशों के करीब 320 विदेशी नागरिक और पर्यटक भी लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। प्रशासन और बचाव एजेंसियां इन सभी की तलाश के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
भीषण परिस्थितियों के बावजूद राहत दलों ने अब तक 8,186 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। इनमें 227 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मलबे में फंसे और लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स के साथ हेलिकॉप्टरों की सहायता ली जा रही है। हालांकि लगातार खराब मौसम, भारी मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां बनीं बड़ी बाधा
बचाव टीमों के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में खराब मौसम और कटे हुए संपर्क मार्ग शामिल हैं। कई स्थानों पर मलबा हटाना आसान नहीं है, जबकि नदी क्षेत्रों में तेज बहाव के कारण जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल लगातार अभियान में जुटे हैं। प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता नागरिकों की तलाश को जल्द पूरा करना है। नेपाल में फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
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