Republic Day 2026: देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के गौरवशाली आयोजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस के 30,000 से अधिक जवान और अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियां तैनात की जा रही हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था न केवल मानवीय स्तर पर, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक होगी। कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों को पूरी तरह से किले में तब्दील कर दिया गया है ताकि समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
सुरक्षा में पहली बार एआई का उपयोग: अपराधियों को पहचानने वाले ‘स्मार्ट चश्मे’
इस बार गणतंत्र दिवस की सुरक्षा का सबसे आधुनिक आकर्षण ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) से लैस स्मार्ट चश्मे हैं। दिल्ली पुलिस के जवान पहली बार स्वदेशी तकनीक से निर्मित इन चश्मों का उपयोग करेंगे। ये स्मार्ट चश्मे चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) और थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस हैं। ये उपकरण वास्तविक समय में पुलिस के अपराधी डेटाबेस से जुड़े रहेंगे। इससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को संदिग्धों, घोषित अपराधियों और आतंकवादियों की तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी। यह तकनीक जमीन पर तैनात जवानों को एक डिजिटल सुपरपावर प्रदान करेगी।
कैसे काम करती है यह तकनीक: हरा और लाल संकेत देगा अपराधी की जानकारी
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) देवेश कुमार महला के अनुसार, ये पहनने योग्य उपकरण अधिकारियों के मोबाइल फोन से लिंक होंगे। जैसे ही कोई जवान भीड़ की ओर देखेगा, चश्मा स्वचालित रूप से चेहरों को स्कैन करेगा। यदि स्कैन किए गए व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, तो डिस्प्ले पर ‘हरा बॉक्स’ दिखाई देगा। इसके विपरीत, यदि डेटाबेस में व्यक्ति का आपराधिक इतिहास मिलता है, तो तुरंत ‘लाल बॉक्स’ का संकेत मिलेगा, जिससे जवान तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे। इसके अलावा, सुरक्षा में बहुस्तरीय अवरोधक और छह स्तरों की गहन जांच व तलाशी की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली पुलिस की चौकसी: सीसीटीवी और मोबाइल एफआरएस वैन तैनात
कर्तव्य पथ और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में हजारों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एफआरएस (FRS) तकनीक से लैस मोबाइल वाहनों को भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। कुल बल में से 10,000 से अधिक जवानों को विशेष रूप से वीवीआईपी रूट और नई दिल्ली जिले की सुरक्षा के लिए आरक्षित रखा गया है।
हाई अलर्ट पर राजधानी: ऊंची इमारतों और बाजारों में विशेष निगरानी
राजधानी के सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों (DCP) को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। नई दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में लगभग 4,000 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहां ‘छत सुरक्षा चौकियां’ बनाई गई हैं। परेड मार्ग के चारों ओर लगभग 500 उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं जो पल-पल की गतिविधि को मुख्यालय तक पहुंचाएंगे। इसके साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सदर बाजार, चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। परेड में शामिल होने वाले हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा स्टिकर अनिवार्य कर दिया गया है।
















