Breaking

Gariaband Hospital Case: गरियाबंद की प्रसूता को अस्पताल ने बनाया बंधक, 15 हजार के लिए मानवता शर्मसार

Gariaband Hospital Case: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाते हुए एक निजी अस्पताल ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। विशेष पिछड़ी जनजाति (भूंजिया) से ताल्लुक रखने वाली एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु को केवल 15 हजार रुपये के बकाया बिल के कारण छह दिनों तक अस्पताल में बंधक बनाकर रखा गया। मैनपुर ब्लॉक की रहने वाली 23 वर्षीय नवीना चींदा को प्रसव पीड़ा के बाद ओडिशा के कालाहांडी स्थित ‘मां भंडारणी क्लिनिक’ में भर्ती कराया गया था। 18 जनवरी को नॉर्मल डिलीवरी होने के बाद अस्पताल ने 20 हजार रुपये का बिल थमाया। परिवार द्वारा 5 हजार जमा करने के बाद शेष राशि न चुका पाने पर मां-बच्चे को कैद कर लिया गया।

Adst

मजबूरी का फायदा: गहने बेचकर पिछला बिल चुकाया, इस बार बंधक बनी बहू

पीड़िता की सास दोषो बाई ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि तीन साल पहले भी इसी अस्पताल ने ऑपरेशन से डिलीवरी के नाम पर 85 हजार रुपये वसूले थे, जिसे चुकाने के लिए परिवार को अपना सोना-चांदी तक बेचना पड़ा था। इस बार सिजेरियन ऑपरेशन के डर से और स्थानीय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही के कारण परिवार ओडिशा गया था। नवीना का पति आंध्र प्रदेश में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है और बिल की रकम जुटाने में असमर्थ था। दो दिनों तक बूढ़ी सास गांव-गांव घूमकर पैसे का इंतजाम करने की कोशिश करती रही, जबकि अस्पताल संचालक ने प्रसूता और मासूम को जाने से मना कर दिया।

मीडिया की दखल से मिली आजादी: अस्पताल संचालक की गोलमोल सफाई

यह मामला जब स्थानीय मीडिया के संज्ञान में आया और पत्रकार पूछताछ करने अस्पताल पहुंचे, तो वहां हड़कंप मच गया। मीडिया के कैमरे देखकर अस्पताल संचालक चैतन्य मेहेर ने तुरंत अपना रुख बदल लिया। उन्होंने कैमरे बंद कराने की कोशिश की और सफाई दी कि यदि परिवार ने पैसों की किल्लत बताई होती, तो उन्हें पहले ही जाने दिया जाता। हालांकि, हकीकत यह थी कि परिवार छह दिनों से वहां कैद था। मीडिया के दबाव और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार मां और नवजात को एम्बुलेंस से वापस उनके गांव भेजा गया।

सरकारी तंत्र की विफलता: सरकारी योजनाओं से महरूम है भूंजिया परिवार

इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की पोल खोलकर रख दी है। गांव की मितानिन का कहना है कि पंजीकरण कार्ड खत्म होने के कारण प्रसूता का ‘जच्चा-बच्चा कार्ड’ ही नहीं बन पाया था, जिस वजह से उसे सरकारी देखरेख और लाभ नहीं मिला। मैनपुर बीएमओ (BMO) ने इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जाहिर की है। गरियाबंद जिले के 2000 की आबादी वाले मूचबहल गांव में दोषो बाई का परिवार अकेला भूंजिया जनजाति का है, जो आज भी टूटे हुए मकान में रहने को मजबूर है। क्लस्टर में शामिल न होने के कारण इन्हें विशेष पिछड़ी जनजाति योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है।

जांच के निर्देश: प्रशासन ने लिया संज्ञान, CMHO को सौंपी गई जिम्मेदारी

जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक लाचार बुजुर्ग महिला दो दिनों तक मदद की गुहार लगाती रही और अस्पताल संवेदनहीन बना रहा। प्रशासन अब इस बात की जांच करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ इस परिवार तक क्यों नहीं पहुँचा और निजी क्लीनिक द्वारा किए गए इस कृत्य पर क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह घटना विकास के दावों के बीच आदिवासियों की जमीनी हकीकत को बयां करती है।

Read More: Republic Day 2026: दिल्ली में ‘बाज की नज़र’, AI स्मार्ट चश्मे और 30 हजार जवानों का अभेद्य पहरा!

Avatar

Thetarget365

Writer & Blogger

All Posts

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • Breaking
  • End Year 2025
  • T20 World Cup 2026
  • Take
  • Top News
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • इंटरव्यू
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • नौकरी/ शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • बलोद
    • बलोदाबाजार-भाटापारा
    • बस्तर
    • बेमेतरा
    • बीजापुर
    • बिलासपुर
    • दंतेवाड़ा
    • रायपुर
    • सुकमा
    • सरगुजा
    • रायगढ़
    • नारायणपुर
    • सूरजपुर
    • बलरामपुर
    • जशपुर
    • कोरिया
    • कोरबा
    • धमतरी
    • कांकेर
    • गरियाबंद
    • दुर्ग
    • खैरागढ़
    • जांजगीर-चांपा
    • बलरामपुर-रामानुजगंज
    • कवर्धा
    • GPM
    • राजनांदगांव
    • महासमुंद
    • जगदलपुर
    • सारंगढ़-बिलाईगढ़
    •   Back
    • ट्रेंड
    • Thetarget365
    • पशु-पक्षी
    • मौसम
    • सोशल मीडिया
    •   Back
    • तेलंगाना
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
    • त्रिपुरा
    • असम
    • अरुणाचल प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • आंध्र प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • ओडिशा
    • मणिपुर
    • केरल
    • कर्नाटक
    • तमिलनाडु
    • जम्मू-कश्मीर
    • झारखंड
    • मेघालय
    • मिजोरम
    • नगालैंड
    • सिक्किम
    •   Back
    • सोशल मीडिया

© 2025 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Designed By Best News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.