अंबिकापुर में गणेश उत्सव 2026 की भव्य तैयारियां शुरू। गणपति धाम में विशेष पूजा, मटकोड़न परंपरा और 20 सितंबर को महाआरती होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम, पंडाल-झांकियों को मिलेंगे पुरस्कार।
अंबिकापुर में गणेश उत्सव 2026 की भव्य तैयारियां शुरू। गणपति धाम में विशेष पूजा, मटकोड़न परंपरा और 20 सितंबर को महाआरती होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम, पंडाल-झांकियों को मिलेंगे पुरस्कार।

Ambikapur News : आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक गणेश उत्सव को इस वर्ष अंबिकापुर में और अधिक भव्य एवं गरिमामय स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक गणपति स्थापना समिति ट्रस्ट द्वारा गणेश उत्सव 2026 को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उत्सव का मुख्य केंद्र इस वर्ष भी महामाया पहाड़ स्थित गणपति धाम रहेगा। वहीं 20 सितंबर 2026, रविवार को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है।


महामाया पहाड़ को श्रद्धालु माँ महामाया का आँचल मानते हैं। इसी पावन स्थल पर पुरातन काल से स्वयंभू भगवान गणपति की प्रतिमा विराजमान होने की मान्यता है। गणपति धाम से महावत समुदाय की भी गहरी आस्था जुड़ी हुई है और प्राचीन समय से यह स्थल धार्मिक परंपराओं का केंद्र रहा है।

समिति के सदस्य जयेश वर्मा और शैलेष सिंह ने बताया कि अंबिकापुर की विशिष्ट परंपरा मटकोड़न का इस वर्ष भी विधिवत निर्वहन किया जाएगा। गणेश प्रतिमा की स्थापना से पहले शहर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के सदस्य गणपति धाम पहुंचकर पवित्र मिट्टी लेकर आएंगे। इस मिट्टी को गणेश प्रतिमा के नीचे रखने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
समिति के अनुसार, यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों को एक सूत्र में जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है। इसके लिए गणपति धाम में श्रद्धालुओं के स्वागत और आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है।
गणपति धाम में गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाएगी। इस दौरान नगर के विभिन्न समाजों के प्रमुख भगवान गणपति की पूजा-अर्चना करेंगे। समिति ने समाज प्रमुखों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने की बात कही है।

गणेश उत्सव के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सजाए जाने वाले गणेश पंडालों और झांकियों को प्रोत्साहित करने के लिए समिति द्वारा पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता को सीनियर और जूनियर वर्ग में विभाजित किया गया है। दोनों वर्गों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पंडाल और झांकियों का मूल्यांकन करने के लिए स्वतंत्र निर्णायक मंडल गठित किया गया है। इसमें स्वच्छता, साज-सज्जा, इको-फ्रेंडली विशेषताएं, रचनात्मकता और आकर्षक प्रस्तुति को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर विवेकानंद चौक में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी मंच से चयनित गणेश पंडालों और झांकियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी जूनियर और सीनियर वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाली सभी झांकियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा।


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