CJP Saurav Das: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 1 सितंबर को जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने इसे युवाओं और प्रदर्शनकारियों की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरे थे।
सौरव दास ने फैसले को बताया ऐतिहासिक जीत
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सौरव दास ने कहा कि यह देश के युवाओं और खासकर Gen Z की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को भी युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीत हुई थी, जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात सामने आई थी। दास के अनुसार, उस दौरान प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी ओर से सरकार के सामने कई मांगें रखी गई थीं और बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद की गई थी।
जेपी नड्डा के साथ बैठक का किया जिक्र
सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत के दौरान जेपी नड्डा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई थी। उस समय प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग रखी गई थी। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से उस समय कुछ आश्वासन दिए गए थे और प्रदर्शनकारियों को उम्मीद थी कि उनकी मांगों पर आगे ठोस कार्रवाई होगी।
अगस्त में बातचीत बंद होने का लगाया आरोप
CJP प्रवक्ता ने दावा किया कि अगस्त की शुरुआत में सरकार की ओर से आए प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत बंद कर दी। इसके बाद उन्हें लगा कि सरकार की ओर से किए गए आश्वासन पूरे नहीं किए जा रहे हैं। सौरव दास ने कहा कि उन्हें यह स्थिति विश्वासघात जैसी लगी। इसी के बाद संगठन ने 24 अगस्त को घोषणा की थी कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 5 सितंबर को मार्च निकाला जाएगा।
5 सितंबर के मार्च से पहले आया कोर्ट का फैसला
सौरव दास के मुताबिक, 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर संगठन ने अपनी रणनीति तैयार कर ली थी। हालांकि, इसी बीच 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और अदालत ने प्रदर्शन से जुड़े FIR पर महत्वपूर्ण आदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले ने प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत दी है। उनके अनुसार, देशभर में प्रदर्शन से जुड़े FIR को रद्द किए जाने का आदेश आंदोलन के लिए ऐतिहासिक क्षण है।
छूटे हुए FIR पर भी विचार का आश्वासन
सौरव दास ने यह भी दावा किया कि सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि यदि कोई FIR सूची में छूट गया हो तो उस पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने इसे प्रदर्शनकारियों के लिए महत्वपूर्ण आश्वासन बताया। दास के मुताबिक, भविष्य में भी प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के आदेश और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली पुलिस की आशंका पर भी बोले सौरव दास
सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की ओर से जताई गई उस आशंका का भी उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर करीब 2,800 अपराधियों के प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इस आधार पर भविष्य में नया FIR दर्ज किए जाने की संभावना की बात सामने आई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
CJP ने फैसले को युवाओं की जीत बताया
सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की आवाज से जोड़ते हुए कहा कि यह जीत देश की Gen Z ने हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा था। अब FIR रद्द होने के फैसले से आंदोलन से जुड़े लोगों को राहत मिली है। CJP ने इस घटनाक्रम को अपने अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया है।
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