I.S. Bindra Death: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष और खेल प्रशासन की दुनिया के दिग्गज इंद्रजीत सिंह बिंद्रा (IS Bindra) का रविवार शाम निधन हो गया। 84 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की। बिंद्रा का निधन न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि वैश्विक क्रिकेट बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर भोजन के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी और शाम करीब 6:30 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
प्रशासनिक सफर और विरासत: बीसीसीआई से पीसीए तक का गौरवशाली कार्यकाल
आईएस बिंद्रा का प्रशासनिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा। वे 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट ने व्यावसायिक और प्रशासनिक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छुआ। बोर्ड के अध्यक्ष बनने से पहले उन्होंने 1978 से 2014 तक, लगभग तीन दशकों से अधिक समय तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दीं। क्रिकेट के प्रति उनके इसी निस्वार्थ समर्पण को सम्मान देने के लिए साल 2015 में मोहाली स्थित प्रसिद्ध पीसीए स्टेडियम का नाम बदलकर आईएस बिंद्रा स्टेडियम कर दिया गया था।
विश्व कप को भारत लाने के सूत्रधार: डालमिया और बिंद्रा की ऐतिहासिक जोड़ी
आईएस बिंद्रा को भारतीय क्रिकेट इतिहास में उस क्रांतिकारी बदलाव के लिए हमेशा याद किया जाएगा, जब उन्होंने क्रिकेट के केंद्र को इंग्लैंड से हटाकर एशिया की ओर मोड़ा। उन्होंने बीसीसीआई के एक अन्य दिग्गज पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर 1987 के क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और पाकिस्तान को दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। यह पहली बार था जब वर्ल्ड कप इंग्लैंड से बाहर आयोजित किया गया था। इस कदम ने भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता और इसके आर्थिक ढांचे को हमेशा के लिए बदल दिया।
जय शाह ने व्यक्त की संवेदना: ‘पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी उनकी विरासत’
आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने आईएस बिंद्रा को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय क्रिकेट प्रशासन के दिग्गज और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष आईएस बिंद्रा के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। उनकी दूरदृष्टि और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। ॐ शांति।” बिंद्रा को एक ऐसे प्रशासक के रूप में जाना जाता था जो नियमों के पक्के थे और खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अटूट विश्वास रखते थे।
अंतिम विदाई: लोधी श्मशान घाट पर होगा अंतिम संस्कार
आईएस बिंद्रा के निधन की खबर मिलते ही खेल जगत की तमाम हस्तियों और पूर्व खिलाड़ियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना शुरू कर दिया है। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके जाने से क्रिकेट गलियारों में एक सन्नाटा पसर गया है। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई ने उनके सम्मान में शोक व्यक्त किया है, क्योंकि उन्होंने आधुनिक भारतीय क्रिकेट की नींव रखने में एक वास्तुकार की भूमिका निभाई थी।
















