Congress Gen Z Plan: कांग्रेस पार्टी जनता के बीच अपनी खोई राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है। पार्टी का विशेष ध्यान युवाओं और खासतौर पर Gen Z पर है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बेरोजगारी, शिक्षा और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। अब कांग्रेस ने इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए युवा वकीलों को अपने साथ जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
Gen Z वकीलों को जोड़ने की नई रणनीति
कांग्रेस नेतृत्व अब युवा और Gen Z वकीलों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। पार्टी की लीगल सेल के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी ने इस उद्देश्य से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मकसद प्रतिभाशाली युवा वकीलों को कांग्रेस के सांसदों और कानूनी कामकाज से जोड़ना है। इसी सिलसिले में मंगलवार को सिंघवी ने राहुल गांधी से भी मुलाकात की और इस पहल को लेकर विस्तार से चर्चा की।
10 युवा वकीलों का पायलट प्रोजेक्ट में चयन
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के लीगल विभाग ने शुरुआती चरण में 10 युवा वकीलों का चयन इंटर्नशिप के लिए किया है। इन सभी को कांग्रेस के 10 सांसदों के साथ काम करने का अवसर दिया जाएगा। खास बात यह है कि फिलहाल ये युवा वकील कांग्रेस पार्टी के सदस्य नहीं हैं। पार्टी उन्हें सीधे सदस्य बनाने के बजाय पहले संगठन और सांसदों के कामकाज से जोड़कर अनुभव देने की कोशिश कर रही है।
सांसदों को कानूनी मामलों में देंगे सहयोग
बताया जा रहा है कि चयनित युवा वकील कांग्रेस सांसदों को विभिन्न कानूनी मामलों और मुद्दों पर सहायता प्रदान करेंगे। इसके जरिए उन्हें संसदीय राजनीति और कानूनी प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर भी मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि यदि भविष्य में ये युवा कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों से सहमत होते हैं, तो उन्हें पार्टी में शामिल किया जा सकता है। आगे इस मॉडल का विस्तार सभी कांग्रेस सांसदों तक करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
राहुल गांधी से तय समय से ज्यादा हुई चर्चा
युवा वकीलों से जुड़े इस पायलट प्रोजेक्ट को लेकर अभिषेक मनु सिंघवी ने राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, सिंघवी ने शुरुआत में इस विषय पर चर्चा के लिए राहुल गांधी से करीब 15 से 20 मिनट का समय मांगा था। हालांकि बातचीत शुरू होने के बाद मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ और बैठक निर्धारित समय से काफी लंबी चली। बताया जा रहा है कि चर्चा करीब सवा घंटे तक चली।
राहुल गांधी ने युवाओं के सामने रखी अपनी बात
युवा वकीलों के साथ बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस की कार्यशैली और राजनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखीं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अलग-अलग विचारों और आलोचनाओं को भी जगह मिलती है। उनका कहना था कि किसी भी संगठन में संवाद और असहमति के लिए स्थान होना जरूरी है। इसी संदर्भ में उन्होंने हिंदुइज्म की अपनी समझ और विचारधारा का भी उल्लेख किया।
गरीब और वंचित वर्गों के मुद्दे उठाने की अपील
राहुल गांधी ने युवा वकीलों से कहा कि राजनीति का उद्देश्य ऐसे मुद्दों को सामने लाना होना चाहिए, जिनसे गरीब, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पीड़ित वर्गों को मदद मिल सके। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि यदि वे भविष्य में राजनीति में आना चाहते हैं तो अभी से जनहित के मुद्दों पर काम करने की दिशा तय करें। साथ ही उन्होंने तत्काल किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने के बजाय अपने काम और विचारों पर ध्यान देने की बात कही।
जरूरतमंदों के लिए वकालत करने का संदेश
राहुल गांधी ने युवा वकीलों से समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए अपनी पेशेवर क्षमता का इस्तेमाल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के वकील होने के नाते उन्हें अपनी वकालत का कुछ समय उन लोगों की मदद के लिए जरूर देना चाहिए, जो कानूनी सहायता का खर्च वहन नहीं कर सकते। उनके इस संदेश को युवा लॉ फेलो के लिए सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सिंघवी ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस बैठक को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार और RTI विभाग तथा लीगल फेलो के बीच उत्साहपूर्ण बातचीत हुई। उनके मुताबिक युवा वकीलों ने तीखे और महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने इस संवाद को संविधान के प्रति साझा प्रतिबद्धता और युवा कानूनी प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में अहम पहल बताया।
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