100 New Airports : भारत में हवाई यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र के विस्तार का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 2 सितंबर 2026 को बताया कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत आने वाले 10 वर्षों में देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है।
उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों तक पहुंचेगी हवाई सेवा
केंद्र सरकार का फोकस देश के उन क्षेत्रों तक विमान सेवा पहुंचाने पर है, जहां अभी हवाई कनेक्टिविटी सीमित है। ‘उड़ान’ यानी ‘उड़े देश का आम नागरिक’ योजना के माध्यम से क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। नए एयरपोर्ट बनने से छोटे शहरों के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी। इसके अलावा स्थानीय पर्यटन, कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
अहमदाबाद से शुरू हुई तीसरी हब एंड स्पोक सेवा
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से देश की तीसरी ‘हब एंड स्पोक’ सेवा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। इस सेवा का उद्देश्य क्षेत्रीय और छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को प्रमुख एयरपोर्ट के जरिए देश-विदेश के महत्वपूर्ण गंतव्यों से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से कनेक्टिविटी होगी आसान
नई हब एंड स्पोक व्यवस्था के तहत छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को बड़े एयरपोर्ट्स पर कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा मिल सकेगी। इसके माध्यम से यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंचने में अधिक सहूलियत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों के लिए यात्रा का समय तथा प्रक्रिया दोनों अधिक सुविधाजनक हो सकते हैं।
12 साल में 74 से बढ़कर 166 हुए एयरपोर्ट
नागर विमानन मंत्री ने विमानन क्षेत्र में पिछले वर्षों के विस्तार का आंकड़ा भी साझा किया। उनके मुताबिक वर्ष 2014 में देश में 74 एयरपोर्ट संचालित थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 166 हो गई है। यानी करीब 12 वर्षों के दौरान भारत के हवाई नेटवर्क में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। सरकार इस उपलब्धि को देश में विमानन क्षेत्र की तेजी से बढ़ती क्षमता के तौर पर देख रही है।
हर 40 दिन में नया एयरपोर्ट या टर्मिनल
राम मोहन नायडू ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में औसतन हर 40 दिन में एक नया एयरपोर्ट या नया एयरपोर्ट टर्मिनल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि अब तक हुआ विस्तार केवल शुरुआत है। सरकार की योजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और व्यापक बनाने की है। ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से विमानन नेटवर्क को देश के ज्यादा से ज्यादा हिस्सों तक पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी।
उड़ान के नए चरण को कैबिनेट की मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय संपर्क योजना के संशोधित और नए स्वरूप को मंजूरी दे दी है। यह नया चरण वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। यानी योजना की अवधि अगले 10 वर्षों की होगी। इस दौरान नए एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हवाई संपर्क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।
28,840 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान
उड़ान योजना के नए चरण के लिए केंद्र सरकार ने कुल 28,840 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया है। यह बजटीय सहायता क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार का अनुमान है कि इस निवेश से नए हवाई मार्ग और एयरपोर्ट विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे विमानन सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा सकेगा।
पर्यटन और कारोबार को मिलेगा नया फायदा
नए एयरपोर्ट और बेहतर हवाई संपर्क का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे शहरों और पर्यटन क्षेत्रों तक सीधी या आसान हवाई कनेक्टिविटी पहुंचने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही स्थानीय कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सरकार इसे रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में भी अहम कदम मान रही है।
10 साल में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य
केंद्र सरकार के इस रोडमैप के तहत अगले दशक में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से देश के हवाई नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना है। अगर परियोजनाएं तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले वर्षों में छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के यात्रियों के लिए हवाई सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ हो सकता है।
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