Chirag Paswan Threat : केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सियासी और सुरक्षा हलकों में हलचल बढ़ गई है। उनकी पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने पुलिस से धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने और मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की है।
पत्र में इस्तेमाल किया गया ‘हार्डकोर आतंकवादी’ शब्द
LJP (रामविलास) के लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता सुशील कुमार ने बताया कि बुधवार को चिराग पासवान को धमकी से जुड़ा एक पत्र मिला था। उन्होंने कहा कि पत्र में ‘हार्डकोर आतंकवादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे पार्टी ने गंभीर धमकी के तौर पर लिया है। इसी आधार पर संबंधित थाने के SHO को लिखित शिकायत दी गई है और पुलिस से मामले की गहन जांच करने का अनुरोध किया गया है।
धमकी देने वाले की पहचान की मांग
पार्टी की ओर से पुलिस से यह पता लगाने की मांग की गई है कि धमकी भरा पत्र किसने भेजा और इसे चिराग पासवान तक पहुंचाने वाला व्यक्ति कौन था। शिकायत में पत्र के स्रोत और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जांच करने को कहा गया है। पार्टी का मानना है कि जांच के जरिए इस धमकी के पीछे किसी व्यक्ति, असामाजिक तत्व या अन्य संगठन की भूमिका सामने आ सकती है।
CCTV फुटेज खंगालने का सुझाव
अधिवक्ता सुशील कुमार ने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जानी चाहिए। इससे पत्र पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करने में पुलिस को मदद मिल सकती है। पार्टी ने यह भी पता लगाने की मांग की है कि धमकी के पीछे किसी असामाजिक तत्व या संगठित समूह की भूमिका तो नहीं है। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी हैं।
पार्टी बोली- धमकियों से नहीं डरेंगे चिराग
पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह की धमकियों से चिराग पासवान डरने वाले नहीं हैं। LJP (रामविलास) ने उन्हें मजबूत नेता बताते हुए कहा कि वह युवाओं के बीच लगातार काम कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक चिराग पासवान देश के सभी वर्गों और समुदायों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इसलिए किसी भी धमकी के बावजूद उनके सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पार्टी के लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुसार, पुलिस ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है और जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि विशेष पुलिस टीमें मामले से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस पत्र के स्रोत, उसे भेजने वाले व्यक्ति और धमकी के पीछे संभावित मकसद का पता लगाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, अभी तक धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है।
केंद्रीय गृह सचिव को भी दी गई जानकारी
धमकी की जानकारी चिराग पासवान के कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को भी दी गई है। चिराग पासवान एक ओर केंद्र सरकार में मंत्री हैं, वहीं दूसरी ओर वह अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी चर्चा में रहे चिराग
चिराग पासवान पिछले कुछ समय से आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर भी लगातार सुर्खियों में हैं। अनुसूचित जाति आरक्षण में उप-वर्गीकरण और ‘क्रीमी लेयर’ से जुड़े प्रावधानों को लेकर उनके और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बीच मतभेद सामने आए थे। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे के इस्तीफे की मांग तक की गई थी।
जीतन राम मांझी और संतोष सुमन पर भी साधा था निशाना
आरक्षण के मुद्दे पर चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी के साथ-साथ बिहार सरकार में मंत्री और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन के इस्तीफे की मांग भी की थी। इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए थे। अब चिराग पासवान को मिली कथित धमकी के मामले ने राजनीतिक हलकों में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और धमकी के स्रोत का पता चलने पर है।
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