Nepal Flood News: नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,204 पहुंच गई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। देवीघाट, नुवाकोट समेत कई प्रभावित इलाकों में जमा मलबे को हटाने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। नेपाली सेना भी घरों और सड़कों से मलबा हटाने में स्थानीय लोगों की मदद कर रही है।
भारत ने नेपाल को भेजी राहत सामग्री
नेपाल में जारी संकट के बीच भारत ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए पांच टन से अधिक आवश्यक दवाइयों की पांचवीं खेप भेजी गई है। इसके अलावा 11 सदस्यों वाली एक बचाव टीम भी नेपाल भेजी गई है। इस सहायता का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को मजबूत करना और जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि इस आपदा के जलवायु परिवर्तन से संभावित संबंध को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि नेपाल में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते प्रभाव को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से समझने की जरूरत है। दूसरी ओर, बाढ़ में लापता हुए लोगों के परिवारों ने अपने प्रियजनों की प्रतीकात्मक अंतिम रस्में भी पूरी की हैं।
आठ जिलों में सबसे ज्यादा तबाही
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ प्रभावित आठ जिलों से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 202 और नुवाकोट से 155 शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा रसुवा से 115, गोरखा से 69, धादिंग से 60 और तनहुं से 38 शव मिले हैं।
शवों की पहचान और पोस्टमार्टम का काम जारी
पुलिस के अनुसार, 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनमें से 95 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। लापता लोगों के परिवारों को पहचान प्रक्रिया में मदद देने के लिए नेपाल पुलिस ने 911 अज्ञात शवों से संबंधित विवरण अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। इससे परिजनों को अपने लापता सदस्यों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 6,541 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि हजारों लापता लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। ये जवान खोज-बचाव, राहत सामग्री वितरण, शवों के प्रबंधन और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
26 अगस्त को हिमस्खलन के बाद आई अचानक बाढ़
बताया गया है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन जैसी घटना के बाद अचानक बाढ़ आई थी। इससे उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों तथा गांवों में भारी नुकसान हुआ। लगातार बारिश के कारण रसुवा और नुवाकोट में बचाव अभियान भी प्रभावित हो रहा है।
कई प्रांतों में बारिश का सिलसिला जारी
जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुधवार को मध्यम बारिश की संभावना है। पिछले 12 घंटों में सिंधुपालचोक के नोस्याम पाटी मौसम केंद्र में सबसे ज्यादा 60.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बागमती, गंडकी और लुंबिनी के कई क्षेत्रों में मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कोशी, बागमती और गंडकी के पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में राहत एवं बचाव दलों के सामने मौसम एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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