Apple CEO John Ternus: दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी Apple में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। लंबे समय तक कंपनी के CEO रहे टिम कुक की जगह अब जॉन टर्नस ने यह जिम्मेदारी संभाल ली है। टर्नस ने 1 सितंबर 2026 से Apple के नए CEO के रूप में पदभार ग्रहण किया है। हालांकि, कंपनी के लिए वह कोई नए चेहरा नहीं हैं। जॉन टर्नस पिछले करीब 25 वर्षों से Apple से जुड़े हुए हैं और अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।
2001 में इंजीनियर के तौर पर शुरू किया सफर
जॉन टर्नस ने वर्ष 2001 में Apple की प्रोडक्ट डिजाइन टीम में इंजीनियर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। उस समय Apple आज की तरह दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल नहीं थी। अपने लंबे करियर के दौरान टर्नस ने कंपनी के हार्डवेयर और प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े कई अहम पद संभाले। उनके अनुभव को देखते हुए अब कंपनी की पूरी कमान उन्हें सौंपी गई है।
हार्डवेयर टीम से CEO की कुर्सी तक पहुंचे
टर्नस को वर्ष 2013 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में वह Apple की एग्जीक्यूटिव टीम में शामिल हुए और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर हार्डवेयर इंजीनियरिंग का नेतृत्व करने लगे। CEO बनने से पहले तक वह इसी पद पर कार्यरत थे। Apple के प्रमुख प्रोडक्ट्स के विकास में उनकी भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
करीब 550 करोड़ रुपये का हो सकता है पैकेज
टिम कुक के बाद Apple के नए CEO बने जॉन टर्नस के वेतन पैकेज ने भी काफी ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिकी Securities and Exchange Commission में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से उनकी सालाना बेस सैलरी 30 लाख डॉलर यानी करीब 28 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2027 के लिए उन्हें 5.5 करोड़ डॉलर के टारगेट वैल्यू वाला इक्विटी अवॉर्ड मिलेगा। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 550 करोड़ रुपये बैठती है।
पूरा पैकेज प्रदर्शन और शेयर से जुड़ा
जॉन टर्नस का बड़ा इक्विटी पैकेज सीधे कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि इक्विटी अवॉर्ड का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा परफॉर्मेंस-बेस्ड Restricted Stock Units के रूप में होगा। इसका मतलब है कि इस हिस्से का मूल्य Apple के प्रदर्शन और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न से प्रभावित होगा। वहीं बाकी 25 प्रतिशत हिस्सा टाइम-बेस्ड स्टॉक यूनिट के रूप में मिलेगा, जिसे चार वर्षों में हासिल किया जा सकेगा।
टिम कुक ने Apple को कहां से कहां पहुंचाया
टिम कुक के कार्यकाल में Apple ने जबरदस्त कारोबारी विस्तार किया। वर्ष 2011 में जब कुक ने CEO पद संभाला था, तब कंपनी का मार्केट कैप करीब 350 अरब डॉलर था। अब यह लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है। इसी अवधि में कंपनी का सालाना राजस्व भी वित्त वर्ष 2011 के करीब 108 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 416 अरब डॉलर से अधिक हो गया।
AI की दौड़ में बढ़त हासिल करना बड़ी चुनौती
जॉन टर्नस को मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनी मिली है, लेकिन उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं। सबसे महत्वपूर्ण चुनौती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में Apple की स्थिति मजबूत करना है। कंपनी को AI की दौड़ में कुछ प्रतिस्पर्धियों से पीछे माना जा रहा है। ऐसे में नए CEO के सामने Apple की AI रणनीति को तेज करना अहम प्राथमिकता हो सकती है।
iPhone से आगे नए प्रोडक्ट की तलाश
Apple की कमाई और ब्रांड की मजबूती में iPhone की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में टर्नस के सामने कंपनी के लिए अगली बड़ी प्रोडक्ट कैटेगरी तैयार करने की चुनौती भी होगी। इसके अलावा चीन से जुड़ी सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग निर्भरता और अलग-अलग देशों के रेगुलेटरी नियमों से निपटना भी उनके लिए महत्वपूर्ण होगा। अब देखना होगा कि जॉन टर्नस अपने 25 वर्षों के अनुभव का इस्तेमाल कर Apple को अगले दौर में किस दिशा में ले जाते हैं।
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