Bart De Wever : बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है, बल्कि तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था, तकनीकी और आर्थिक शक्ति तथा प्रभावशाली भू-राजनीतिक राष्ट्र के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि भारत की आवाज का प्रभाव उसके क्षेत्र से कहीं आगे तक दिखाई देता है।
20 साल बाद बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा अहम
बार्ट डी वेवर ने अपनी भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि करीब 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की भारत यात्रा हो रही है। उन्होंने पिछले दो दशकों में भारत में आए व्यापक बदलावों की सराहना की और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भी महत्वपूर्ण बताया। वेवर ने प्रधानमंत्री मोदी को गर्मजोशी से किए गए स्वागत और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया।
भारत को अहम साझेदार मानता है बेल्जियम
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका उनके देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि बेल्जियम भारत को एक अहम रणनीतिक साझेदार मानता है। उन्होंने कहा कि बेल्जियम आकार में भारत की तुलना में छोटा जरूर है, लेकिन उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे खुली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। व्यापार और वैश्विक बाजारों तक पहुंच ने बेल्जियम की आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नेपाल बाढ़ में मारे गए भारतीयों के प्रति जताई संवेदना
बार्ट डी वेवर ने 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस त्रासदी में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। भारत और नेपाल के बीच क्षेत्रीय संबंधों के संदर्भ में भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण रहा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत में सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी प्रमुख मुद्दा रहा। वेवर ने कहा कि बेल्जियम दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और गहरा करना चाहता है। इसी उद्देश्य से बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन भी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं।
लेटर ऑफ इंटेंट से रक्षा सहयोग को मिलेगा नया ढांचा
दोनों देशों के बीच हुए ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ के आदान-प्रदान को वेवर ने महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता सरकार-से-सरकार संपर्क और सैन्य आदान-प्रदान से आगे बढ़कर अनुसंधान, नवाचार, सह-विकास और भविष्य में सह-उत्पादन के लिए नया ढांचा तैयार करता है। इससे रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते को बताया बड़ी उपलब्धि
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के सफल समापन को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2026 के अंत में बेल्जियम में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, संतुलित व्यापार समझौते से बाजार तक पहुंच बढ़ेगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और कंपनियों को लंबे समय के निवेश के लिए स्पष्ट नियम मिलेंगे।
वैश्विक आर्थिक विभाजन के बीच समझौता महत्वपूर्ण
वेवर ने कहा कि करीब दो दशक की बातचीत के बाद भारत और यूरोप ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को और करीब लाने का फैसला किया है। उन्होंने इसे ऐसे समय में महत्वपूर्ण कदम बताया, जब दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक विभाजन बढ़ रहा है। उनके अनुसार, भारत और यूरोप के बीच यह समझौता वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश देने वाला कदम हो सकता है।
दिसंबर में ब्रसेल्स में मोदी का स्वागत करेंगे वेवर
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ब्रसेल्स में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने ईयू-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के लिए भारतीय नेतृत्व की आधिकारिक यात्रा की मेजबानी को अपने लिए सम्मान की बात बताया। वेवर ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का शानदार अवसर होगी।
भारत-बेल्जियम रिश्तों का बेहतर दौर अभी बाकी
अपनी यात्रा के समापन से पहले वेवर ने भारत और बेल्जियम के संबंधों को सदियों पुराने साझा इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देशों का भविष्य भी साझा है। उन्होंने कहा कि वह इस विश्वास के साथ नई दिल्ली आए थे कि दोनों देशों के रिश्तों का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत के बाद उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है।
Read More : Railway Safety : रेलवे सुरक्षा में तकनीकी कमियां होंगी दूर, अश्विनी वैष्णव ने रखरखाव पर दिए सख्त निर्देश