Aparna Yadav Divorce Rumors: उत्तर प्रदेश के सबसे रसूखदार सियासी परिवार यानी ‘पवार’ नहीं बल्कि ‘यादव कुनबे’ से जुड़ी एक राहत भरी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव और उनकी पत्नी व भाजपा नेता अपर्णा यादव के बीच चल रहा हाई-प्रोफाइल विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। कुछ दिनों पहले सार्वजनिक रूप से तलाक का ऐलान करने वाले प्रतीक यादव ने अब अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक नई पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने ‘सबकुछ ठीक’ होने का दावा किया है।
इंस्टाग्राम पोस्ट से दिया ‘ऑल इज गुड’ का संदेश
प्रतीक यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पुरानी लेकिन बेहद खूबसूरत तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में प्रतीक और अपर्णा एक-दूसरे की बांहों में बांहें डाले मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के साथ प्रतीक ने एक भावुक संदेश लिखा: “ऑल इज गुड। चैंपियन वही होते हैं जो अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी की समस्याओं को मजबूती से कुचलकर आगे बढ़ते हैं। हम चैंपियनों का परिवार हैं।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने मशहूर गाना ‘Until I Found You’ भी जोड़ा है, जो उनके बीच बढ़ती नजदीकियों और सुलह की ओर साफ इशारा कर रहा है।

19 जनवरी की वो कड़वी पोस्ट: जब मची थी सनसनी
बता दें कि इस विवाद की शुरुआत 19 जनवरी को हुई थी, जब प्रतीक यादव की एक पोस्ट ने यूपी की राजनीति और यादव परिवार के प्रशंसकों को हैरान कर दिया था। उस पोस्ट में प्रतीक ने अपर्णा यादव पर ‘स्वार्थी’ और ‘आत्ममुग्ध’ होने का आरोप लगाया था। उन्होंने यहाँ तक लिखा था कि वे जल्द से जल्द इस ‘परिवार बर्बाद करने वाली महिला’ से तलाक ले लेंगे। हालांकि, अब प्रतीक ने पूरी तरह से ‘यू-टर्न’ ले लिया है। गौर करने वाली बात यह है कि तलाक के ऐलान वाली वह पुरानी कड़वी पोस्ट अभी भी प्रतीक के प्रोफाइल से डिलीट नहीं की गई है, जो कइयों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।
अपर्णा यादव: भाजपा में बढ़ता कद और जिम्मेदारी
अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी और 2017 में लखनऊ कैंट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। मार्च 2022 में उन्होंने सबको चौंकाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। उनकी सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए सितंबर 2024 में उन्हें राज्य महिला आयोग में महत्वपूर्ण पद दिया गया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, परिवार के भीतर उनकी स्थिति हमेशा चर्चा में रहती है।
चैंपियनों का परिवार: निजी समस्याओं पर जीत का दावा
प्रतीक यादव ने अपनी नई पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि यादव परिवार अपनी अंदरूनी कलह को सुलझाने में सक्षम है। प्रतीक ने अपर्णा को अपनी पोस्ट में टैग भी किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों के बीच संवाद फिर से स्थापित हो गया है। समर्थकों का मानना है कि परिवार के बड़े बुजुर्गों के हस्तक्षेप के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है। प्रतीक द्वारा खुद को ‘चैंपियनों का परिवार’ कहना यह दर्शाता है कि वे अपनी छवि को फिर से मजबूत करना चाहते हैं।
तलाक की खबरों पर पूर्ण विराम?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रतीक यादव की यह नई पोस्ट उन तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लगा देगी जो पिछले दस दिनों से मीडिया में छाई हुई थीं। हालांकि, लोग अभी भी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या अपर्णा यादव भी अपनी तरफ से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया देंगी। फिलहाल, प्रतीक की इस ‘प्रेम भरी’ पोस्ट ने यादव परिवार के शुभचिंतकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
















