West Bengal Tourism : कोलकाता में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। धनधान्य प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग की नई ब्रांडिंग और लोगो का आधिकारिक अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पर्यटन को नई दिशा देने के लिए नया स्लोगन “देखबो नतून रूपे, देखबो नतून चोखे”, यानी “देखेंगे नए रूप में, देखेंगे नई नजर से” पेश किया।
पर्यटन विभाग की नई ब्रांडिंग का हुआ अनावरण
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री शंकर घोष, उद्योग मंत्री तापस रॉय, सूचना एवं संस्कृति राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का लक्ष्य पश्चिम बंगाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रचार के माध्यम से देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाना है। नई ब्रांडिंग के जरिए राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, विरासत और पर्यटन संभावनाओं को एक नए रूप में प्रस्तुत करने की योजना है।
पर्यटन ढांचे के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये के बजट आवंटन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन पिछली नीतियों के कारण इस क्षेत्र को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पर्यटक पश्चिम बंगाल से होकर सिक्किम जैसे पड़ोसी पर्यटन राज्यों की ओर चले जाते हैं। अब सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
सुंदरबन से दार्जिलिंग तक गेस्ट हाउस होंगे आधुनिक
सरकार ने राज्य के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में मौजूद सरकारी टूरिस्ट गेस्ट हाउसों के कायाकल्प की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने सुंदरबन से लेकर दार्जिलिंग तक सभी सरकारी पर्यटन आवासों को जल्द से जल्द आधुनिक बनाने के निर्देश दिए। बेहतर आवास, सुविधाएं और पर्यटन सेवाएं उपलब्ध कराने से पर्यटकों के ठहरने का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है।
कोलकाता में शुरू होगी 17वीं वाटर मेट्रो परियोजना
पर्यटन और परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता को देश के 17वें वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट से जोड़ने का अंतिम निर्णय लिया गया है। इसके तहत नदी मार्गों पर आधुनिक नावों का संचालन किया जाएगा। इससे पर्यटकों को शहर और आसपास के इलाकों की यात्रा का एक नया विकल्प मिलेगा। सरकार नदी आधारित पर्यटन को भी राज्य की नई पर्यटन रणनीति का अहम हिस्सा बनाना चाहती है।
मंदरमणि को गोवा की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी
पूर्व मेदिनीपुर का लोकप्रिय समुद्र तट मंदरमणि भी सरकार की पर्यटन योजना में प्रमुख स्थान रखता है। इसे गोवा की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए मंदरमणि को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने का लक्ष्य है।
सुंदरबन में लगाए जाएंगे 20 लाख मैंग्रोव पौधे
पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार ने जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुंदरबन के प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने के लिए इस वर्ष 20 लाख मैंग्रोव पौधे लगाए जाएंगे। सुंदरबन को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के साथ-साथ इसके पारिस्थितिक महत्व को सुरक्षित रखने की योजना है।
बक्सा टाइगर रिजर्व में 2 अक्टूबर को आएंगे बाघ
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री के मुताबिक आगामी 2 अक्टूबर को उत्तर बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व में आधिकारिक रूप से बाघ छोड़े जाएंगे। इससे बक्सा क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
12 खास त्योहारों पर पारंपरिक पोशाक में दिखेंगे कर्मचारी
पश्चिम बंगाल की संस्कृति और परंपरा को पर्यटन विभाग की कार्यशैली से जोड़ने के लिए 12 विशेष दिनों का चयन किया गया है। इन अवसरों पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पारंपरिक बंगाली पोशाक पहनकर कार्यालय आएंगे। यदि इनमें से कोई दिन अवकाश का होगा, तो उससे पहले के कार्यदिवस पर यह परंपरा निभाई जाएगी।
बंगाली संस्कृति को पर्यटन ब्रांड से जोड़ने की कोशिश
चयनित अवसरों में सरस्वती पूजा, डोली यानी होली, बुद्ध पूर्णिमा, पोयला बैशाख, जमाई षष्ठी, रथ यात्रा, राखी पूर्णिमा, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा अष्टमी, काली पूजा, भाई दूज और पौष संक्रांति शामिल हैं। सरकार का मानना है कि पर्यटन केवल प्राकृतिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना जरूरी है। नई ब्रांडिंग, पर्यटन ढांचे में निवेश, नदी पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के जरिए पश्चिम बंगाल को एक मजबूत वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाने की कोशिश की जा रही है।
Read more : Karnataka News: कृषि ऋण माफी पर केंद्र से मदद मांगेंगे CM शिवकुमार, पार्क बिल पर भी दिया बड़ा बयान